E20 पेट्रोल के खिलाफ ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील
चंडीगढ़, 16 जुलाई (ध्रुव)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने E20 Petrol को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि देशभर में वाहन मालिकों को इसके कारण विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से StopE20Petrol.com पर ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर कर इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को जारी वीडियो संदेश में कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य लोगों की आवाज़ प्रधानमंत्री तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को इस याचिका पर हस्ताक्षर कर केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर सुधारात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर करना चाहिए।
मान ने कहा कि मोटरसाइकिलों से लेकर अन्य वाहनों तक, बड़ी संख्या में लोग E20 Petrol के कारण माइलेज कम होने और इंजन संबंधी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की लगातार उठ रही चिंताओं के बावजूद केंद्र सरकार इस मुद्दे की अनदेखी कर रही है।
शुद्ध पेट्रोल और E20 Petrol में से अपनी पसंद का विकल्प चुनने की स्वतंत्रता मिले
मुख्यमंत्री ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल और E20 Petrol में से अपनी पसंद का विकल्प चुनने की स्वतंत्रता दी जाए। दूसरी, E20 Petrol की कीमत सामान्य पेट्रोल से कम रखी जाए ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
उन्होंने कहा कि एक ही कीमत पर दोनों प्रकार का पेट्रोल बेचने से तेल कंपनियों को फायदा होता है, जबकि आम उपभोक्ता नुकसान उठाता है। सरकार को उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देते हुए मूल्य निर्धारण पर पुनर्विचार करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल ने एक वाहन मरम्मत केंद्र का दौरा कर लोगों की शिकायतें सुनीं और खराब वाहनों की स्थिति देखने के बाद प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
भगवंत मान ने कहा कि यह केवल किसी राजनीतिक दल का अभियान नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक वाहन मालिक और उसके परिवार से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने सभी नागरिकों से ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर कर अपनी आवाज़ बुलंद करने की अपील की और कहा कि सामूहिक प्रयास से केंद्र सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करने के लिए बाध्य किया जा सकता है।
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