Monsoon बीमारियों के लिए समय पर कैशलेस इलाज उपलब्ध
चंडीगढ़, 16 जुलाई, (ध्रुव)। पंजाब में Monsoon के साथ डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी के बीच राज्य सरकार ने दावा किया है कि 'मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY)' योग्य परिवारों को इन बीमारियों के लिए समय पर कैशलेस इलाज उपलब्ध करा रही है। सरकार का कहना है कि इससे मरीजों को अस्पताल के खर्च की चिंता किए बिना इलाज मिल रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार ने मानसून के दौरान फैलने वाली बीमारियों से निपटने के लिए निगरानी व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारियों और जांच सुविधाओं को मजबूत किया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
लाभार्थी ने साझा किया अनुभव
अमृतसर की 32 वर्षीय बलविंदर कौर ने बताया कि उन्हें तेज बुखार होने पर मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 8,400 रुपये का कैशलेस इलाज मिला। उन्होंने कहा कि अस्पताल के कर्मचारियों ने योजना में पंजीकरण कराने में मदद की, जिससे इलाज का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा और वे अपनी रिकवरी पर ध्यान दे सकीं।
डॉक्टरों की सलाह: पहले 48 घंटे बेहद अहम
सीनियर मेडिकल ऑफिसर एवं एमडी मेडिसिन डॉ. राज कुमार ने कहा कि Monsoon के दौरान आने वाले हर बुखार को सामान्य वायरल संक्रमण समझने की गलती नहीं करनी चाहिए। उनके अनुसार पहले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और समय पर रक्त जांच तथा इलाज से डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, वायरल हेपेटाइटिस और एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी बीमारियों की गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
उन्होंने लोगों को स्वयं दवा लेने से बचने और दो दिन से अधिक बुखार रहने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी।
2,100 से 8,400 रुपये तक के इलाज पैकेज
स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) के अनुसार, 6 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत तीव्र बुखार (Acute Febrile Illness) सबसे अधिक इलाज किए जाने वाले रोगों में शामिल रहा। मरीजों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), जिला अस्पतालों और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में किया गया।
सरकार के मुताबिक बुखार और उससे जुड़ी बीमारियों के इलाज के पैकेज 2,100 रुपये से 8,400 रुपये तक उपलब्ध हैं। इसके अलावा योजना के तहत डायलिसिस, हृदय रोगों के उपचार, आईसीयू सेवाओं सहित कई महंगे इलाज भी कवर किए जा रहे हैं।
इन जिलों से आए अधिक मामले
सरकारी आंकड़ों के अनुसार Monsoon बुखार से जुड़े अधिक दावे फाजिल्का, मोगा, संगरूर, गुरदासपुर और होशियारपुर जिलों से सामने आए हैं। इससे संकेत मिलता है कि मरीज अपने नजदीकी सरकारी एवं सूचीबद्ध अस्पतालों में ही इलाज करा रहे हैं।
Monsoon में रखें ये सावधानियां
- दो दिन से अधिक बुखार रहने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- कूलर, गमलों और छतों पर पानी जमा न होने दें।
- मच्छर रोधी क्रीम या रिपेलेंट का उपयोग करें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- तेज शरीर दर्द, उल्टी, पेट दर्द, खून आना या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं।
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