Centre of Excellence के माध्यम से न केवल बासमती उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि
चंडीगढ़, 22 अप्रैल (ध्रुव)। पंजाब में फसली विविधता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने बासमती चावल के लिए Centre of Excellence स्थापित करने की घोषणा की है।
नीदरलैंड दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उच्च स्तरीय Centre of Excellence के माध्यम से न केवल बासमती उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन को कम करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि राज्य को गेहूं-धान के पारंपरिक चक्र से बाहर निकालने के लिए फसली विविधता बेहद जरूरी है और इस दिशा में नीदरलैंड की उन्नत कृषि तकनीकें पंजाब के लिए सहायक साबित हो सकती हैं।
रॉटरडैम में एक प्रमुख कृषि-आधारित कंपनी के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने टिकाऊ खेती और वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पादन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के उपयोग में कमी लाना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बासमती की हिस्सेदारी बढ़ाना समय की मांग है।
शोध, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के जरिए खेती को अधिक लाभकारी बनाया
मुख्यमंत्री ने डच कंपनियों और Punjab Agricultural University के बीच सहयोग बढ़ाने की वकालत करते हुए कहा कि शोध, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के जरिए खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
उन्होंने ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और डेटा आधारित फसल प्रबंधन जैसी तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया। साथ ही ग्रीनहाउस खेती को उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए एक प्रभावी विकल्प बताया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब डच मॉडल से प्रेरित होकर फूलों की खेती और कृषि वैल्यू चेन को मजबूत करने की दिशा में काम करेगा, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सके।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल पंजाब को कृषि क्षेत्र में एक नए दौर की ओर ले जाएगी, जहां तकनीक, नवाचार और टिकाऊ खेती के जरिए किसानों को स्थायी लाभ मिल सकेगा।
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