पंजाब

Dhaliwal ने जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल से की मुलाकात

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Dhaliwal met the Lieutenant Governor of Jammu and Kashmir
Dhaliwal met the Lieutenant Governor of Jammu and Kashmir

बॉर्डर इलाकों में बाढ़ का पक्का हल, उज नदी पर डैम की मांग : Dhaliwal

चंडीगढ़, 20 अगस्त (ध्रुव)। आम आदमी पार्टी (आप) के अजनाला विधायक कुलदीप सिंह Dhaliwal ने जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात कर पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई। धालीवाल ने उप राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए उज नदी पर डैम बनाने की मांग की।

धालीवाल ने कहा कि पठानकोट, गुरदासपुर और अमृतसर के साथ विशेष रूप से अजनाला क्षेत्र में मानसून के दौरान उज नदी के पानी और भारी बारिश के कारण बाढ़ का खतरा लगातार बना रहता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1988 के बाद 2023, 2025 और 2026 में भी बाढ़ ने इन क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचाया है।

बाढ़ से खेती और इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान

विधायक ने कहा कि बाढ़ का पानी किसानों की जमीन और फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि बाढ़ के दौरान बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ और सेना के जवानों के संपर्क मार्ग टूट जाते हैं, जो देश की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।

धालीवाल ने कहा कि सरकारें हर साल बाढ़ राहत, बांधों की मजबूती और ड्रेनेज व्यवस्था पर बड़ी राशि खर्च करती हैं, लेकिन ये उपाय स्थायी समाधान नहीं हैं। उनके अनुसार, उज नदी पर डैम बनाकर पानी का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना ही इस समस्या का पक्का समाधान हो सकता है।

पीएम और जल शक्ति मंत्रालय के सामने मामला उठाने की मांग

धालीवाल ने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील की कि वह उज नदी पर डैम बनाने के मुद्दे को प्रधानमंत्री और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के सामने उठाएं। उन्होंने डैम के लिए विस्तृत डीपीआर (Detailed Project Report) और फिजिबिलिटी स्टडी तैयार करवाने की मांग भी की, ताकि तकनीकी रूप से उपयुक्त स्थान और परियोजना की व्यवहारिकता का आकलन किया जा सके।

विधायक ने कहा कि डैम बनने से केवल बाढ़ नियंत्रण में मदद नहीं मिलेगी, बल्कि मानसून के दौरान अतिरिक्त पानी को संग्रहित किया जा सकेगा। इसके साथ ही हाइड्रोइलेक्ट्रिसिटी, पर्यटन और सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि बॉर्डर क्षेत्रों का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है और इन इलाकों को बार-बार आने वाली बाढ़ से बचाने के लिए दीर्घकालिक योजना जरूरी है।

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Rajesh Sachdeva

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