चंडीगढ़, 17 जुलाई (ध्रुव)। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा 19 जुलाई से Dharam Yudh Morcha शुरू करने के ऐलान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह मोर्चा कोई गंभीर आंदोलन नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों को गुमराह करने के लिए रचा गया एक राजनीतिक ड्रामा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि करीब एक महीने पहले सुखबीर बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास के बाद 19 जुलाई से धर्म युद्ध मोर्चा शुरू करने का ऐलान किया था, लेकिन अब तक पार्टी ने न तो कोई कार्यक्रम घोषित किया है और न ही किसी प्रकार की तैयारी दिखाई है।
"कोर कमेटी की बैठक में भी नहीं हुई मोर्चे की चर्चा"
पन्नू ने दावा किया कि अकाली दल अपनी ही घोषणा भूल चुका है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में भी प्रस्तावित धर्म युद्ध मोर्चा को लेकर एक शब्द तक नहीं बोला गया। इससे साफ है कि यह केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने की कोशिश थी।
Dharam Yudh Morcha का मतलब भी नहीं जानते
AAP नेता ने कहा कि ऐतिहासिक आंदोलनों के लिए व्यापक जनसंपर्क, संगठन और प्रतिबद्धता की जरूरत होती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए लोग Dharam Yudh Morcha की गंभीरता को नहीं समझ सकते।"
बादल परिवार पर लगाए गंभीर आरोप
बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 तक अकाली दल की सरकार के दौरान पंजाब में नशे का संकट बढ़ा और युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ। उन्होंने कहा कि बादल परिवार वर्षों से पंजाबियों को गुमराह करता आया है और सत्ता में रहते हुए जनता की बजाय अपनी संपत्ति और राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देता रहा।
2015 बेअदबी मामलों का भी किया जिक्र
पन्नू ने 2015 की बेअदबी घटनाओं, कोटकपूरा और बहबल कलां गोलीकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी घटनाएं अकाली दल की सरकार के कार्यकाल में हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय न्याय दिलाने के बजाय सबूतों को नष्ट होने दिया गया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही संगत पर पुलिस कार्रवाई की गई।
उन्होंने यह भी दावा किया कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद अकाली दल के कई नेताओं ने अदालत से जमानत ली थी।
"ट्रुथ कमीशन का वादा भी भूले"
AAP नेता ने कहा कि बादल परिवार ने पहले भी सत्ता में आने से पहले 'ट्रुथ कमीशन' बनाने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद उसे पूरा नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जसवंत सिंह खालड़ा की पत्नी बीबी परमजीत कौर खालड़ा और अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी बादल सरकार के दौरान मामले दर्ज किए गए थे।
Dharam Yudh Morcha घोषणा की, लेकिन रणनीति नहीं"
बलतेज पन्नू ने सवाल उठाया कि यदि 19 जुलाई से Dharam Yudh Morcha शुरू होना है, तो अब तक पार्टी ने इसकी रणनीति, कार्यक्रम, नेतृत्व और पहली गिरफ्तारी देने वाले नेताओं के नाम क्यों घोषित नहीं किए।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अब नाटकीय घोषणाओं और भावनात्मक नारों की राजनीति को समझ चुके हैं और केवल घोषणाओं से गुमराह नहीं होंगे।
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