PM Modi ने पंजाब का बकाया फंड नहीं दिया, सिर्फ राजनीति की : हरपाल चीमा
चंडीगढ़, 17 जुलाई, (ध्रुव)। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने PM Modi के पंजाब दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने राज्य के जायज़ वित्तीय बकाए पर कोई घोषणा नहीं की और अपने दौरे को राजनीतिक मंच के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग केंद्र से बकाया राशि जारी होने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।
मीडिया से बातचीत में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि PM Modi के दौरे से पंजाब के किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम लोगों को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार राज्य का लंबित वित्तीय बकाया जारी करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
पंजाब का बकाया फंड जारी करने पर नहीं बोले PM Modi
चीमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में पंजाब के RDF (रूरल डेवलपमेंट फंड), मंडी फीस और अन्य लंबित वित्तीय मामलों का कोई उल्लेख नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लंबे समय से पंजाब का वैध बकाया रोककर बैठी है।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2025 की बाढ़ के बाद केंद्र से 20,000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी गई थी। प्रधानमंत्री द्वारा 1,600 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की गई थी, लेकिन राज्य को अब तक वह राशि प्राप्त नहीं हुई।
"AAP सरकार ने साढ़े चार साल में पांचों गारंटी पूरी की"
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने चुनाव से पहले किए गए पांचों प्रमुख वादे साढ़े चार वर्षों के भीतर पूरे कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार लोगों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली, बेहतर सरकारी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार उपलब्ध करा रही है।
सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि राज्य सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा।
- मेरिट के आधार पर 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां।
- मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा।
- महिलाओं के लिए मावां धियां सत्कार योजना।
- 45,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन।
- 3,000 खेल मैदान तैयार, 6,000 और निर्माणाधीन।
- GVK थर्मल प्लांट का अधिग्रहण।
- सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को विदेशों और IIT में प्रशिक्षण।
भाजपा-अकाली सरकार पर साधा निशाना
चीमा ने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 तक की भाजपा-अकाली गठबंधन सरकार के दौरान पंजाब में नशे का संकट बढ़ा और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान शुरू किया है और धार्मिक स्थलों की पवित्रता की रक्षा के उद्देश्य से 'जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट' लागू किया है।
कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर भी किया दावा
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की तुलना में वर्तमान सरकार ने बुनियादी ढांचे पर सबसे अधिक निवेश किया है। उनके अनुसार—
- भाजपा-अकाली सरकार (2007-2017): लगभग 12,000 करोड़
- कांग्रेस सरकार (2017-2022): लगभग 19,000 करोड़
- AAP सरकार (2022-2026): लगभग 55,000 करोड़ का पूंजीगत निवेश
उन्होंने दावा किया कि यह निवेश स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, खेल मैदानों और अन्य सार्वजनिक ढांचे के विकास पर किया जा रहा है।
PM Modi : पंजाब के हर वर्ग को निराशा मिली
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि PM Modi के दौरे से राज्य को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन दौरे के अंत में पंजाब के हर वर्ग को निराशा ही हाथ लगी। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार लगातार केंद्र के समक्ष RDF सहित सभी लंबित बकाया जारी करने की मांग उठाती रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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