245 Commerce lecturers की रिवर्ट करने का प्रस्ताव, DTF का विरोध
Commerce lecturers रिवर्ट (पदावनत) करने के आदेश हुए जारी
चंडीगढ़, 4 मार्च (दी स्टेट हेडलाइंस टीम)। Democratic Teachers Front Punjab (डीटीएफ) ने पंजाब शिक्षा विभाग द्वारा Commerce lecturers को रिवर्ट (पदावनत) करने की जारी प्रस्तावित कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। शिक्षा विभाग, पंजाब सरकार ने आदेश संख्या 1076085 दिनांक 03/03/2026 जारी कर लगभग 245 कॉमर्स लेक्चरारों को रिवर्ज़न ज़ोन में रखने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे सैकड़ों शिक्षकों में चिंता और असंतोष का माहौल बन गया है।
डीटीएफ के राज्य प्रधान विक्रमदेव सिंह, जनरल सचिव महिंदर सिंह और वित्त सचिव अश्वनी अवस्थी ने बताया कि शिक्षा विभाग ने 25/08/2025 को लेक्चरार कैडर की प्रोविजनल सीनियरिटी सूची जारी कर आपत्तियां मांगी थीं। उनका आरोप है कि इस सूची को तैयार करते समय विभागीय नियमों और अदालती फैसलों की अनदेखी की गई।
उन्होंने कहा कि सीनियरिटी तय करने के लिए एक ही सूची में अलग-अलग फार्मूले अपनाए गए, डी-बार कर्मचारियों के मामलों पर ध्यान नहीं दिया गया और शिक्षकों द्वारा दी गई आपत्तियों पर सुनवाई भी नहीं की गई। इसके बावजूद उसी विवादित सूची को आधार बनाकर 245 कॉमर्स लेक्चरारों को रिवर्ट करने का प्रस्ताव जारी कर दिया गया।
रिवर्ज़न ज़ोन में रखना न केवल अन्यायपूर्ण
डीटीएफ नेताओं के अनुसार, वर्ष 2008 से 2024 के बीच पदोन्नत हुए Commerce lecturers को उस समय विभाग द्वारा जारी सीनियरिटी सूची, लागू नियमों और उनकी योग्यता के आधार पर प्रमोशन दिया गया था। इन शिक्षकों ने प्रमोशन के बाद अपना परिवीक्षा काल (प्रोबेशन पीरियड) भी पूरा कर लिया है और कई वर्षों से स्कूलों में कॉमर्स लेक्चरार के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
ऐसे में अब उन्हें रिवर्ज़न ज़ोन में रखना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि विभाग की प्रशासनिक त्रुटियों का खामियाजा शिक्षकों पर डालने जैसा है। डीटीएफ ने मांग की है कि संबंधित शिक्षकों को रिवर्ज़न ज़ोन से तुरंत बाहर किया जाए और पात्र शिक्षकों की लंबित पदोन्नतियां भी शीघ्र की जाएं।
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