पंजाब

प्रचार पोस्टर चमके, बिना वेतन शिक्षकों के घरों में पड़े चूल्हे ठंडे : DTF

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teachers' stoves remain cold in their homes without salaries- Democratic Teachers Front
teachers' stoves remain cold in their homes without salaries- Democratic Teachers Front

चंडीगढ़, 3 मार्च। Democratic Teachers Front (डीटीएफ) ने पंजाब की Aam Aadmi Party सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में हजारों शिक्षक वेतन के लिए इंतजार कर रहे हैं, जबकि सरकार शिक्षा क्रांति के नाम पर बड़े पैमाने पर प्रचार कर रही है।

डीटीएफ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम देव सिंह, महासचिव महिंदर कौड़ियांवाली, वित्त सचिव अश्वनी अवस्थी और प्रेस सचिव पवन कुमार ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि बजट की कमी के चलते जिला स्तर पर डीडीओ (Drawing and Disbursing Officers) को वेतन जारी करने के लिए आवश्यक राशि नहीं दी जा रही।

शिक्षकों को समय पर नहीं मिल रहा वेतन

Democratic Teachers Front (डीटीएफ) के अनुसार, मुख्यालय से बजट जारी न होने के कारण पूरे पंजाब में शिक्षकों को समय पर सैलरी नहीं मिल पा रही है। जिला अधिकारियों का हर बार यही जवाब होता है कि “बजट मुख्यालय से जारी नहीं हुआ।”

डीटीएफ नेताओं ने कहा कि वेतन में हो रही देरी से शिक्षकों को घरेलू खर्च चलाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक लोन की किस्तें समय पर जमा न होने से जुर्माने लग रहे हैं, जिससे वे आर्थिक और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार शिक्षा क्रांति के बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन दूसरी तरफ टीचरों को समय पर सैलरी न दे पाना सरकार की आर्थिक कमजोरी और एडमिनिस्ट्रेटिव लापरवाही को उजागर करता है।

DTF नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता टीचरों की भलाई नहीं, बल्कि सिर्फ प्रोपेगैंडा है। उन्होंने मांग की कि सभी पेंडिंग बजट तुरंत जारी किए जाएं और टीचरों की सैलरी दी जाए और एक पक्का और प्लान्ड बजट बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए और उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में जिम्मेदार ऑफिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई की जाए ताकि टीचर क्लास को बार-बार बेवजह परेशानी न उठानी पड़े।

“प्रचार पर फोकस, शिक्षकों की अनदेखी”

Democratic Teachers Front ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार करोड़ों रुपये का कर्ज लेकर शिक्षा क्रांति के नाम पर विज्ञापन चला रही है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं दे पा रही। संगठन के मुताबिक यह सरकार की वित्तीय कमजोरी और प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। सरकार भले ही कितना भी प्रचार करें और इस से DTF को कोई परेशानी नहीं है परन्तु शिक्षकों का वेतन रोक कर यह करना बिलकुल भी गलत है।

क्या है डीटीएफ की मांगें ?

  • तुरंत लंबित बजट जारी किया जाए
  • सभी शिक्षकों का बकाया वेतन तुरंत दिया जाए
  • भविष्य में वेतन वितरण के लिए स्थायी और योजनाबद्ध बजट प्रबंधन किया जाए
  • जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए

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Rajesh Sachdeva

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