E-Rickshaw Campaign अब 3,440 गांवों तक पहुंचा
चंडीगढ़, 5 जून (ध्रुव)। पंजाब में नशों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए भगवंत मान सरकार द्वारा शुरू किया गया E-Rickshaw Campaign अब 3,440 गांवों तक पहुंच चुका है। यह पहल राज्य के 86 विधानसभा क्षेत्रों में लोगों को नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने, नशा पीड़ितों को पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने और नशा तस्करों के खिलाफ गोपनीय सूचनाएं जुटाने में अहम भूमिका निभा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि प्रत्येक जिले के चयनित विधानसभा क्षेत्र में संचालित E-Rickshaw Campaign गांव-गांव जाकर नशा विरोधी संदेश पहुंचा रहे हैं। अब तक यह अभियान पंजाब के लगभग एक-तिहाई गांवों को कवर कर चुका है।
शिकायत दर्ज कराने और नशा मुक्ति सेवाओं तक पहुंच बनाने में भी मदद
सरकार के अनुसार, E-Rickshaw Campaign केवल जागरूकता का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह लोगों को गुप्त रूप से शिकायत दर्ज कराने और नशा मुक्ति सेवाओं तक पहुंच बनाने में भी मदद कर रहे हैं। गांव स्तर पर गठित विलेज डिफेंस कमेटियां (VDCs) भी अभियान की निगरानी और फीडबैक देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जून के तीसरे सप्ताह में मंत्रियों तथा सिविल एवं पुलिस प्रशासन की अगुवाई में बैठक आयोजित होगी, जिसमें दर्ज शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और विधानसभा तथा ब्लॉक समन्वयकों से फीडबैक लिया जाएगा। अंतिम सप्ताह में माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे, लंबित शिकायतों की स्थिति का जायजा लेंगे तथा भविष्य की कार्ययोजना के बारे में जानकारी देंगे।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि जागरूकता, जनभागीदारी और स्थानीय जवाबदेही इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा पहल ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ को सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर जन आंदोलन का रूप देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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