Harjot Bains बोले पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को बदनाम नहीं होने देंगे
फार्मेसी परीक्षा नकल मामले में अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा : Harjot Bains
चंडीगढ़, 31 जुलाई 2026: पंजाब के शिक्षा मंत्री Harjot Bains ने कहा कि पंजाब पुलिस ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS), फरीदकोट की फार्मेसी परीक्षा में नकल कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। Harjot Bains ने कहा कि जांच में इस रैकेट की कड़ियां हरियाणा के भिवानी निवासी मास्टरमाइंड से जुड़ी मिली हैं। बैंस ने दावा किया कि यह मामला पेपर लीक का नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक के जरिए संगठित तरीके से नकल कराने का है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसी भी कीमत पर राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बदनाम नहीं होने देगी और नकल के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
भिवानी से संचालित हो रहा था नकल का नेटवर्क: Harjot Bains
Harjot Bains ने आरोप लगाया कि हरियाणा का भिवानी नकल गिरोहों का गढ़ बन चुका है और वहां सक्रिय नेटवर्क ने अपना काम पंजाब तक फैलाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की कार्रवाई से इस अंतरराज्यीय नकल सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। शिक्षा मंत्री ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां की व्यवस्था को नकल नेटवर्क पर पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों के राजनीतिक मुद्दों में व्यस्त हैं, जबकि उन्हें अपने राज्य के विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता करनी चाहिए।
तकनीक के जरिए परीक्षा में नकल कराने की थी पूरी तैयारी : Harjot Bains
शिक्षा मंत्री ने बताया कि गिरोह द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने के लिए संशोधित मोबाइल फोन, माइक्रो-चिप और छिपे हुए संचार उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि आरोपी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों के भीतर से प्रश्नपत्र की जानकारी बाहर भेजने और वहां से उत्तर प्राप्त करने में मदद करते थे। इस पूरे नेटवर्क का संचालन अलग-अलग स्थानों पर मौजूद हैंडलरों द्वारा किया जा रहा था। बैंस ने कहा कि पंजाब पुलिस की सतर्कता के कारण गिरोह की योजना समय रहते पकड़ ली गई और परीक्षा में बड़े स्तर पर नकल कराने की कोशिश को नाकाम कर दिया गया।
पंजाब पुलिस ने 10 हैंडलर और 25 अभ्यर्थियों को पकड़ा
आईजीपी नीलांबरी जगदले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अब तक 10 हैंडलरों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले 25 अभ्यर्थियों को भी हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि कुल 13 हैंडलरों की पहचान हुई है, जिनमें आठ हरियाणा और राजस्थान तथा पांच पंजाब से संबंधित हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 38 संशोधित 'केचौडा' मोबाइल फोन और 21 छिपे हुए वायरलेस ईयरपीस बरामद किए हैं। इसके अलावा नकल रैकेट में इस्तेमाल किए गए दो वाहनों को भी जब्त किया गया है।
परीक्षा केंद्र में प्रश्नपत्र स्कैन कर भेजा गया
आईजीपी ने बताया कि 19 जुलाई को मिली खुफिया सूचना के आधार पर पंजाब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की थी। जांच में सामने आया कि एक अभ्यर्थी ने परीक्षा शुरू होने के बाद गुप्त कैमरे की मदद से प्रश्नपत्र स्कैन कर अपने नेटवर्क के एक हैंडलर को भेजा। इसके बाद प्रश्नपत्र हल कर उसके उत्तर फरीदकोट में बनाए गए कंट्रोल रूम तक पहुंचाए जा रहे थे। वहां से परीक्षा केंद्रों में मौजूद अभ्यर्थियों को वायरलेस उपकरणों के जरिए उत्तर बताए जा रहे थे। पुलिस ने छापेमारी कर कंट्रोल रूम से छह हैंडलरों को गिरफ्तार किया।
200 से अधिक पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा
आईजीपी नीलांबरी जगदले ने बताया कि पूरे अभियान के दौरान विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। परीक्षा केंद्रों के अधीक्षकों, नियंत्रकों और निरीक्षकों को भी सतर्क किया गया और अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में अभी तक किसी भी परीक्षा केंद्र के कर्मचारी, अधिकारी या पर्यवेक्षक की मिलीभगत सामने नहीं आई है। पुलिस के अनुसार यह पूरा नेटवर्क बाहरी लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा था, जिसमें अभ्यर्थियों को माध्यम बनाकर परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल कराया जा रहा था।
तीन हैंडलर और चार अभ्यर्थी अभी भी फरार
पंजाब पुलिस के अनुसार नकल रैकेट के खिलाफ कार्रवाई अभी जारी है। आईजीपी नीलांबरी जगदले ने बताया कि तीन हैंडलर और चार अभ्यर्थी अभी भी फरार हैं। पुलिस की टीमें पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अलग-अलग शहरों में छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा। आईजीपी ने दोहराया कि पंजाब पुलिस परीक्षा में नकल, अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर बैंस ने गिनाईं उपलब्धियां
हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा करते हुए कहा कि राज्य के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2026 में पंजाब के 361 विद्यार्थियों ने JEE Main और 64 विद्यार्थियों ने JEE Advanced परीक्षा पास की। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी 2024 के 437 से बढ़कर 2026 में 882 हो गई है। बैंस ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
परीक्षा प्रणाली में ब्लॉकचेन तकनीक पर भी काम
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग परीक्षाओं में नकल और अनियमितताओं को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और किसी भी प्रकार के नकल माफिया को राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब को बदनाम करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होगी।
बैंस बोले- 'उड़ता पंजाब' को 'पढ़ता पंजाब' में बदला
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने शिक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गलत धारणा बनाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य पंजाब के हर विद्यार्थी के भविष्य की रक्षा करना है। बैंस ने कहा कि सरकार ने नकल के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और फार्मेसी परीक्षा नकल रैकेट में शामिल हर व्यक्ति को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब को 'उड़ता पंजाब' कहने वालों को अब 'पढ़ता पंजाब' दिखाई दे रहा है।
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