Sikh Prisoners की पैरोल के लिए हर कानूनी रास्ता अपनाएगी मान सरकार
भिओरा और जगतार सिंह तारा का मामला राज्यपाल के समक्ष उठाएंगे
चंडीगढ़, 12 अक्टूबर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि Sikh Prisoners की रिहाई और पैरोल के मामलों में उनकी सरकार हर संभव कानूनी और संवैधानिक रास्ता अपनाएगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित इन मामलों को अनिश्चितकाल तक नहीं लटकाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद केंद्र सरकार ने जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए अभी तक पैरोल नहीं दी है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को कौमी इंसाफ मोर्चा, सिख संगठनों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में अपनी जिम्मेदारी निभाने और कानूनी दायरे में रहकर हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। मान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य इस मुद्दे का उचित और शीघ्र समाधान निकालना है।
बैठक के बाद सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए मान ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ Sikh Prisoners की रिहाई की मांग पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से उठा रही है और समाधान के लिए प्रयास जारी रखेगी।
केंद्र को आश्वासन के बावजूद पैरोल नहीं मिलने पर सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार केंद्र सरकार और राज्यपाल को पहले ही आश्वासन दे चुकी है कि जगतार सिंह हवारा को कुछ दिनों की पैरोल दिए जाने की स्थिति में राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाएगी। इसके बावजूद पैरोल मंजूर नहीं हुई है।
मान ने कहा कि यह मामला अब केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है और राज्य सरकार अपनी ओर से शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि हवारा को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए कुछ दिनों की पैरोल मिलना भी शांति और भाईचारे का संदेश दे सकता है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे अन्य बंदी सिंहों के मामलों के समाधान का रास्ता भी खुल सकता है।
उन्होंने सिख संगठनों से अपना संघर्ष शांतिपूर्ण तरीके से और कानून के दायरे में रहकर जारी रखने की अपील की। मान ने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत निकाला जाना चाहिए।
Sikh Prisoners : भिओरा और जगतार सिंह तारा का मामला राज्यपाल के सामने उठेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुडैल जेल में बंद परमजीत सिंह भिओरा और जगतार सिंह तारा की पैरोल का मुद्दा भी पंजाब के राज्यपाल के समक्ष उठाया जाएगा, क्योंकि राज्यपाल ही चंडीगढ़ के प्रशासक भी हैं।
मान ने बैठक में मौजूद पंजाब के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी से इन मामलों के कानूनी पहलुओं की जांच करने को कहा, ताकि उचित समाधान तलाशा जा सके। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर अपनी ओर से कोई बाधा नहीं बनने देगी और अपने अधिकार क्षेत्र में हर संभव कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई का मामला न्याय, मानवीय पहलुओं और लंबे समय से जेल में बंद व्यक्तियों के अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार कानूनी और संवैधानिक व्यवस्था का सम्मान करते हुए इस दिशा में प्रयास जारी रखेगी।
बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी, गृह मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक शेखर, विशेष पुलिस महानिदेशक पी.के. सिन्हा, जेल विभाग की प्रमुख सचिव भावना गर्ग, मुख्यमंत्री के विशेष प्रधान सचिव कुमार अमित और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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