Punjab Vidhan sabha में लगातार जारी बहस, चीमा जम के बरसे
चंडीगढ़, 11 मार्च 2026: (The State Headlines Team)। Punjab Vidhan sabha में पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने कांग्रेस विधायक Sukhpal Singh Khaira द्वारा की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए उनसे तुरंत और बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा और किसी को ‘बंधुआ मजदूर’ कहना पूरी तरह अस्वीकार्य है और यह पंजाब के मेहनतकश लोगों की गरिमा का अपमान है।
Punjab Vidhan sabha में बोलते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सुखपाल सिंह खैरा ने सोशल मीडिया पर पंजाब की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो खैरा ने व्यक्तिगत हमला करते हुए उन्हें ‘बंधुआ मजदूर’ कहा। चीमा ने कहा कि इस तरह की भाषा किसी विधायक के लिए उचित नहीं है और इससे विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंचती है।
वित्त मंत्री ने यह भी मांग की कि अगर खैरा सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से अपील की कि इस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए और जरूरत पड़ने पर उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने पर भी विचार किया जाए।
Punjab Vidhan sabha : पंजाब के कई नेताओं के परिवार मेहनतकश पृष्ठभूमि से
Punjab Vidhan sabha सदन के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पार्टी से भी आधिकारिक माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को अपने विधायक के इस बयान की जिम्मेदारी लेनी चाहिए क्योंकि इस तरह की भाषा महिलाओं और मजदूर वर्ग दोनों का अपमान है।
चीमा ने कहा कि पंजाब के कई नेताओं के परिवार मेहनतकश पृष्ठभूमि से आते हैं और ‘बंधुआ मजदूर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना उन सभी लोगों की गरिमा को ठेस पहुंचाता है जिन्होंने मेहनत और संघर्ष से समाज में अपना स्थान बनाया है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान पर गर्व
उन्होंने कहा कि उन्हें देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान पर गर्व है, जिसे B. R. Ambedkar ने तैयार किया। इसी संविधान की बदौलत साधारण परिवारों से आने वाले लोगों को भी ऊंचे पदों पर पहुंचकर जनता की सेवा करने का अवसर मिलता है।
वित्त मंत्री ने Arvind Kejriwal और पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने उन पर भरोसा जताया और उन्हें पंजाब का वित्त मंत्री बनाकर जनता की सेवा का अवसर दिया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने अब तक पंजाब के विकास और लोगों के कल्याण के लिए पांच राज्य बजट पेश किए हैं। वहीं, उन्होंने सुखपाल सिंह खैरा को अपनी शैक्षणिक और पेशेवर योग्यता की भी जांच कराने की चुनौती दी।
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