Harpal Cheema और Rajinder pal kaur ने पेश किया प्रस्ताव, दोनों हुए पास
चंडीगढ़, 12 मार्च (The State Healines)। Punjab Vidhan Sabha में गुरुवार को कांग्रेस विधायक Sukhpal Singh Khaira के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के दो अलग-अलग प्रस्ताव पेश किए गए, जिन्हें सदन ने मंजूरी दे दी। सुखपाल खैरा के बयानों को लेकर सत्ता पक्ष के मंत्रियों और विधायकों ने यह मुद्दा सदन में उठाया। इस मामले में मंजूरी मिलने के पश्चात अब यह मामला विशेषाधिकार कमेटी के समक्ष चला गया है और उनकी तरफ से ही करवाई की जाएगी।
पहला प्रस्ताव पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema की ओर से पेश किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुखपाल खैरा ने विधानसभा के विधायकों को “बंधुआ मजदूर” कहकर संबोधित किया, जो न केवल विधायकों के सम्मान के खिलाफ है बल्कि सदन की मर्यादा का भी उल्लंघन है। इस बयान को लेकर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया गया।
वहीं दूसरा प्रस्ताव महिला विधायक Rajinder Pal Kaur ने पेश किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 1000 देने की योजना को लेकर खैरा द्वारा की गई टिप्पणी महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है और इससे महिला विधायकों की भावनाएं आहत हुई हैं।
विशेषाधिकार हनन कमेटी करेगी Sukhpal Khaira के खिलाफ अगली करवाई
सदन ने दोनों मामलों को गंभीर मानते हुए सुखपाल खैरा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के दोनों प्रस्ताव पास कर दिए। माना जा रहा है कि अब इन मामलों को आगे की जांच और कार्रवाई के लिए विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा जा रहा है। इस मामले में अब कमेटी की तरफ से ही हर तरह की अगली करवाई होगी और पिछले कुछ ऐसे मौके भी रहे है जब कमेटी की तरफ से सख्त करवाई कर दी गयी हो।
इस मुद्दे को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। सत्ता पक्ष के नेताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं और विधानसभा की गरिमा प्रभावित हो।
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