नई दिल्ली, 9 अगस्त, (ध्रुव)। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर आदिवासी समाज के अधिकारों को लेकर केंद्र और विभिन्न राजनीतिक दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजाद भारत में सबसे ज्यादा अन्याय आदिवासी समाज के साथ हुआ है। केजरीवाल ने दावा किया कि देश की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन पर कब्जा कर इन्हें बड़ी-बड़ी कंपनियों को सौंप दिया।
Arvind Kejriwal ने देशभर के आदिवासी समाज को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पिछले 75 वर्षों में देश के लगभग सभी वर्गों ने तरक्की की, लेकिन आदिवासी समाज को जानबूझकर विकास की मुख्यधारा से पीछे रखा गया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के पास मौजूद प्राकृतिक संसाधनों पर उनका पैदाइशी अधिकार है, लेकिन इन संसाधनों को उनसे छीन लिया गया।
‘जल, जंगल और जमीन आदिवासियों का अधिकार’
Arvind Kejriwal ने एक वीडियो संदेश में कहा कि आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन पर उनका अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों ने इन संसाधनों को आदिवासी समुदाय से छीनकर बड़ी कंपनियों को दे दिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है और उनके हक की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए कई बार आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल तक जाना पड़ा है। केजरीवाल ने गुजरात के आदिवासी नेता चैतर वसावा का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी समाज के अधिकारों की आवाज उठाने के कारण चैतर वसावा जेल में हैं।
PESA कानून लागू नहीं करने का आरोप : Kejriwal
अरविंद केजरीवाल ने PESA Act को लेकर भी सरकारों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारों ने पंचायतों और ग्राम सभाओं को अधिकार देने के लिए कानून तो बनाया, लेकिन उसे जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया गया।
केजरीवाल ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में बड़े फैसले लेने से पहले ग्राम सभा की राय और सहमति को महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में आदिवासी समाज और ग्राम सभा से पूछे बिना ही फैसले लिए जाते हैं।
‘आप आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ रही’ : Kejriwal
Kejriwal ने कहा कि आम आदमी पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य आदिवासी समुदाय को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकार दिलाना है।
उन्होंने आदिवासी समाज से अपील करते हुए कहा कि अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं। साथ ही उन्होंने चैतर वसावा के जल्द जेल से बाहर आने की कामना करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की आवाज उठाने वाले नेताओं के साथ खड़ा होना जरूरी है।
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