पंजाब

Ravneet Bittu और मजीठिया नशा तस्करी के आरोपी के बचाव में क्यों उतरे?

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Why did Ravneet Bittu and Majithia come to the defense of the accused drug smuggler
Why did Ravneet Bittu and Majithia come to the defense of the accused drug smuggler

चंडीगढ़, 21 सितंबर (ध्रुव)। नमोल गांव में एक युवक द्वारा जहरीली वस्तु निगलने की घटना को लेकर पंजाब की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी ने विपक्षी नेताओं पर मामले को राजनीतिक रंग देने और कथित नशा तस्करी के आरोपी के पक्ष में खड़े होने का आरोप लगाया है। आप पंजाब के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने सवाल उठाया कि Ravneet Bittu, प्रताप सिंह बाजवा और बिक्रम सिंह मजीठिया एक ऐसे व्यक्ति के समर्थन में क्यों सामने आए, जिसके खिलाफ वर्ष 2018 से अब तक एनडीपीएस, आबकारी और बलात्कार समेत नौ मामले दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनमें से चार मामलों में सजा भी हो चुकी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमन अरोड़ा ने कहा कि किसी व्यक्ति की मौत या गंभीर घटना पूरे परिवार और समाज के लिए दुखद होती है, लेकिन ऐसी घटनाओं को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना पंजाब के हित में नहीं है। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि नमोल गांव की जमीनी स्थिति जाने बिना सोशल मीडिया पर बयान जारी किए गए और पंजाब सरकार तथा आम आदमी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की गई।

अमन अरोड़ा ने बताया कि नमोल गांव उनके विधानसभा क्षेत्र सुनाम के नजदीक है। उनके अनुसार, गांव में दो पंचायतें हैं और दोनों पंचायतों, गुरुद्वारा कमेटियों, किसान संगठनों तथा ग्रामीणों ने मिलकर नशे की बिक्री के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। गांववालों ने नशा बेचने वालों के बहिष्कार, ठीकरी पहरा लगाने और नशे के खिलाफ सरकार की मुहिम में सहयोग करने का फैसला किया है।

Ravneet Bittu : पंचायत सदस्यों और सरपंच के साथ जग्गा सिंह की बहस हुई थी

मंत्री ने 7 सितंबर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पंचायत सदस्यों और सरपंच के साथ जग्गा सिंह की बहस हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से चीमा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई और मामले की जांच चल रही है। उन्होंने 12 सितंबर की घटना का भी उल्लेख किया, जब कथित तौर पर जग्गा सिंह ने शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आत्महत्या करने की धमकी दी थी।

अमन अरोड़ा के मुताबिक, इसके बाद 20 सितंबर को जग्गा सिंह ने संगरूर में उपायुक्त कार्यालय के बाहर कोई जहरीली वस्तु निगल ली। पुलिस ने उसे पहले सिविल अस्पताल पहुंचाया, फिर निजी अस्पताल में उपचार कराया गया और हालत स्थिर होने के बाद राजिंदरा अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद विपक्षी नेताओं की ओर से किए गए ट्वीट्स में गांव और पंचायत के पक्ष को नजरअंदाज किया गया।

आप प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा, केवल सिंह ढिल्लों, रवनीत सिंह बिट्टू, विजय इंदर सिंगला, तरुण चुघ, सचिन पायलट और बिक्रम सिंह मजीठिया समेत कई नेताओं ने जग्गा सिंह को नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाला बताया। इसके विपरीत, अरोड़ा ने अकाली दल के विधानसभा क्षेत्र प्रभारी विनरजीत सिंह गोल्डी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि गांव में जग्गा सिंह को ‘जग्गा ब्लैकिया’ के नाम से जाना जाता है और उस पर नशा बेचने के आरोप लगाए जाते हैं।

लोगों को गुमराह करने के लिए माफी मांगनी चाहिए

अमन अरोड़ा ने विपक्षी नेताओं को चुनौती दी कि यदि वे अपने सोशल मीडिया बयानों पर कायम हैं तो नमोल गांव पहुंचकर ग्रामीणों के सामने भी वही दावे दोहराएं। उन्होंने कहा कि नेताओं को या तो अपने आरोप साबित करने चाहिए या फिर लोगों को गुमराह करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। Ravneet Bittu

नशे के खिलाफ सरकार की रणनीति का उल्लेख करते हुए अरोड़ा ने कहा कि गांवों में ग्राम रक्षा समितियां बनाई जा रही हैं। सरपंच चाहे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो या निर्दलीय हो, उसे समिति का अध्यक्ष बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन समितियों की जिम्मेदारी गांव में ठीकरी पहरा लगाने, नशे की बिक्री की सूचना पुलिस को देने और लोगों में जागरूकता फैलाने की होगी।

कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि विपक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह नशे के खिलाफ एकजुट ग्रामीणों के साथ है या कथित नशा तस्करी के आरोपी के साथ। मंत्री रवजोत सिंह ने कहा कि नमोल के ग्रामीणों द्वारा पारित प्रस्ताव और गांव की जमीनी स्थिति को भी सुना जाना चाहिए। हरदीप सिंह मुंडियां ने विपक्ष पर संवेदनशील घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बयान देने से पहले ग्रामीणों का पक्ष समझना जरूरी है।

आप नेताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि गांवों, पंचायतों, पुलिस और पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि संवेदनशील घटनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने के बजाय नशे की समस्या से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं। Ravneet Bittu

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Rajesh Sachdeva

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