बिना प्रीमियम के स्वास्थ्य सुरक्षा दे रही Mukhyamantri Sehat Yojana
चंडीगढ़, 12 जून (ध्रुव)। बढ़ती स्वास्थ्य लागत के दौर में पंजाब सरकार की Mukhyamantri Sehat Yojana राज्य के लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना बिना किसी प्रीमियम भुगतान के व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है और कई मामलों में निजी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का किफायती विकल्प साबित हो रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि Mukhyamantri Sehat Yojana के लागू होने के मात्र पांच महीनों के भीतर 2,26,822 से अधिक मरीजों का 3,65,340 उपचार प्रक्रियाओं के माध्यम से 632.50 करोड़ रुपये की लागत से इलाज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि पंजाब सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों की पहुंच में लाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि Mukhyamantri Sehat Yojana और निजी स्वास्थ्य बीमा के बीच सबसे बड़ा अंतर यह है कि इस योजना के लिए लाभार्थियों को कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता। जहां निजी बीमा कंपनियां उम्र बढ़ने के साथ प्रीमियम बढ़ाती हैं, वहीं पंजाब सरकार पात्र परिवारों को पूरी तरह नि:शुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध करा रही है।
Mukhyamantri Sehat Yojana ने बदली लाखों परिवारों की जिंदगी
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 2,300 से अधिक उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें कैंसर, हृदय रोग, डायलिसिस, गंभीर बीमारियों का इलाज और अन्य विशेष स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा राज्यभर के 850 सूचीबद्ध अस्पतालों में लाभार्थियों को कैशलेस और पेपरलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें प्री-एक्जिस्टिंग बीमारियों (पहले से मौजूद बीमारियों) के लिए किसी प्रकार की प्रतीक्षा अवधि नहीं रखी गई है। जबकि निजी बीमा कंपनियां मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी बीमारियों के लिए अक्सर दो से चार वर्ष तक का वेटिंग पीरियड लागू करती हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पात्र व्यक्ति पहले दिन से ही उपचार का लाभ उठा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह योजना विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है, क्योंकि निजी बीमा योजनाओं में उन्हें अधिक प्रीमियम और कई प्रकार की सीमाओं का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत बुजुर्गों को बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के समान स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
अब तक 46.21 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड पंजीकृत किए
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अब तक 46.21 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड पंजीकृत किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से राज्य के करीब 22 लाख परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि योजना को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन यह साबित करता है कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की कितनी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार का स्पष्ट मानना है कि किसी भी व्यक्ति का स्वास्थ्य उसकी आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं होना चाहिए। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री सेहत योजना को लगातार मजबूत किया जा रहा है ताकि राज्य का कोई भी पात्र परिवार इलाज और आर्थिक सुरक्षा के बीच चुनाव करने को मजबूर न हो।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार भविष्य में भी योजना के दायरे का विस्तार करती रहेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समाज के हर वर्ग तक आसानी से पहुंच सकें। स्वास्थ्य क्षेत्र में यह पहल राज्य के लोगों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ बेहतर और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान कर रही है।
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