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स्वास्थ्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक बुलाई : स्वास्थ्य संस्थानों में बिजली और अग्नि सुरक्षा सुविधाओं का ऑडिट कराने के आदेश

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Updated At 27 Jan 2025 at 09:11 PM

निर्विघ्न बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी महत्वपूर्ण देखभाल इकाइयों में यू.पी.एस. आधारित पावर बैकअप और स्वास्थ्य सुविधाओं में पूरी तरह से कार्यशील जनरेटर सेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं

स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के स्तर पर समितियों के गठन के आदेश भी जारी किए

अग्नि सुरक्षा सुविधाओं के ऑडिट और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए

चंडीगढ़, 27 जनवरी:

सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में निर्विघ्न बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज राज्यभर के सभी मेडिकल कॉलेजों, सिविल अस्पतालों, सब-डिवीजनल अस्पतालों और ब्लॉक स्तर के अस्पतालों में बिजली आपूर्ति और अग्नि सुरक्षा का ऑडिट करने के आदेश जारी किए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री सिविल अस्पतालों के सभी सिविल सर्जनों और मेडिकल कॉलेजों के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट्स के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रशासनिक सचिव कुमार राहुल, लोक निर्माण विभाग (पी.डब्ल्यू.डी.) के सचिव रवि भगत, पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉरपोरेशन (पी.एच.एस.सी.) के मैनेजिंग डायरेक्टर वरिंदर कुमार शर्मा, पीएसपीसीएल के सीएमडी इंजीनियर बलदेव सिंह सरां, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. हितिंदर कौर और शोध व मेडिकल शिक्षा निदेशक डॉ. अवनीश कुमार भी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, बिजली कटौती की स्थिति में सभी महत्वपूर्ण देखभाल इकाइयों जैसे ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम, इमरजेंसी, एसएनसीयू और एनआईसीयू में कम से कम 30 मिनट का यूपीएस पावर बैकअप उपलब्ध होना चाहिए। इसके अलावा, सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में डीजल की आवश्यक आपूर्ति के साथ पूरी तरह से कार्यशील जनरेटर सेट उपलब्ध होना चाहिए।

डॉ. बलबीर सिंह ने जिला, सब-डिवीजन और ब्लॉक स्तर के अस्पतालों सहित सभी स्तरों पर समितियों के गठन के आदेश भी जारी किए।

इन समितियों में स्वास्थ्य विभाग/मेडिकल कॉलेज, पीएसपीसीएल और पीडब्ल्यूडी-इलेक्ट्रिकल के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे। समिति के सदस्य आपसी समन्वय से अस्पतालों में उपलब्ध यूपीएस और अन्य पावर बैकअप प्रणालियों की कार्यक्षमता पर रिपोर्ट देंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सिविल सर्जनों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बिजली कटौती की स्थिति में बैकअप बिजली आपूर्ति तुरंत शुरू की जाए ताकि महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। उन्होंने यह भी कहा कि इस उद्देश्य के लिए बैकअप बिजली आपूर्ति को सक्रिय करने वाले व्यक्ति से संपर्क के लिए एक उपयुक्त संचार प्रणाली स्थापित की जानी चाहिए। उन्होंने बिजली बंद होने की किसी भी स्थिति में तुरंत करवाई को यकीनी बनाने के लिए उपरोक्त समितियों के सभी सदस्यों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के भी आदेश भी दिए।

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को तुरंत अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराने और सभी महत्वपूर्ण देखभाल इकाइयों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।

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