चंडीगढ़, 11 अप्रैल (सुनील कुमार)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार ने अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर सख्ती बढ़ाते हुए ‘पुरस्कार नीति’ लागू कर दी है। इसके साथ ही राज्य के 28 Most Wanted Criminals की सूची भी जारी की गई है।
‘गैंगस्टरों ते वार’ प्रोजेक्ट के अंतर्गत सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को 1 लाख रुपये तक, पुलिस कमिश्नर/रेंज आईजी/डीआईजी को 1.5 लाख रुपये तक, विभिन्न विंगों के प्रमुखों (स्पेशल डीजीपी/एडीजीपी) को 2 लाख रुपये तक और डीजीपी को 2 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत करने की शक्तियां प्रदान की हैं। यह राशि केवल सही और प्रमाणिक सूचना देने वाले व्यक्तियों को ही दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य राज्य में अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर पूरी तरह से लगाम लगाना है और इसके लिए जनसहभागिता को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। प्राप्त जानकारी की पहले जांच की जाएगी और तय मानकों के आधार पर ही इनाम दिया जाएगा। साथ ही सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उसे किसी प्रकार का खतरा नहीं होने दिया जाएगा।
राज्यवासी वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों से संबंधित जानकारी एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर गुमनाम रूप से साझा कर सकते हैं और अपराध से जुड़ी गतिविधियों के बारे में सुझाव भी दे सकते हैं।
आज की मीटिंग के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- 28 Most Wanted Criminals की सूची जारी
- सूचना देने वालों को मिलेगा इनाम
- एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन शुरू
- सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गुप्त
- ‘ऑपरेशन प्रहार’ और ‘गैंगस्टरों ते वार’ को मिलेगा बढ़ावा
अभियान के आंकड़े (Important Data)
- 56,487 छापेमारी
- 19,894 गिरफ्तारियां
- 9,353 निवारक कार्रवाई
- 15,284 लोगों से पूछताछ
- 851 घोषित अपराधी गिरफ्तार
योजना के फायदे
Most Wanted Criminals से कानून व्यवस्था मजबूत
- अपराधियों पर सख्त कार्रवाई
- गैंगस्टर नेटवर्क पर रोक
Most Wanted Criminals को लेकर जनता की भागीदारी
- लोगों को इनाम का प्रोत्साहन
- गुप्त जानकारी साझा करने की सुविधा
सुरक्षा सुनिश्चित
- सूचना देने वाले की पहचान गुप्त
- सुरक्षा की पूरी गारंटी
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