सरकारी नौकरियों, मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं को अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां : Bhagwant Mann
चंडीगढ़, 11 अक्टूबर। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने दावा किया कि पंजाब में पहली बार ऐसी सरकार आई है, जो जनता से किए वादों के बजाय अपने काम के दम पर लोगों का विश्वास जीत रही है। धूरी विधानसभा क्षेत्र के गांव मीमसा में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम में उन्होंने किसानों को दिन में बिजली, खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने, सरकारी नौकरियों, मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं को अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया। साथ ही उन्होंने विरोधियों पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि साढ़े चार साल के कामकाज के आधार पर उनकी सरकार जनता के सामने खड़ी है। उनके अनुसार, सरकारी योजनाओं से प्रत्येक परिवार को हर महीने करीब 15 हजार रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने दावा किया कि धान बेचने के बाद किसानों को भुगतान इतनी जल्दी किया जा रहा है कि वे मंडी से घर पहुंचने से पहले ही अपने बैंक खातों में पैसा प्राप्त कर लेते हैं।
मान ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता का है और इसे स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों तथा जनकल्याण की योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, जबकि किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना भ्रष्टाचार के 70 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। उनके मुताबिक, टोल प्लाजा बंद होने से यात्रियों को प्रतिदिन करीब 70 लाख रुपये की बचत हो रही है।
नहरी सिंचाई का दायरा बढ़ने का दावा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सिंचाई के मुद्दे पर कहा कि पंजाब में पहली बार 1,587 गांवों के उन खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया गया है, जहां पहले इसकी सुविधा नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि सिंचाई व्यवस्था के विस्तार पर 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उनके अनुसार, नहरी पानी से सिंचित क्षेत्र वर्ष 2022 में 20.89 लाख एकड़ से बढ़कर अब 60.30 लाख एकड़ हो गया है। मान ने कहा कि नहरी सिंचाई से किसानों पर आर्थिक बोझ घटाने और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों से नीट परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या वर्ष 2021 में 80 थी, जो 2026 में बढ़कर 882 हो गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में बेहतर सुविधाएं, शिक्षकों का प्रशिक्षण और स्कूल ऑफ एमिनेंस जैसी पहलें आम परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर दे रही हैं।
स्वास्थ्य और महिला सहायता योजनाओं का जिक्र
भगवंत मान ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक के नकद रहित इलाज की सुविधा देने का उद्देश्य यह है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी को इलाज से वंचित न रहना पड़े।
महिलाओं के लिए शुरू की गई ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 वर्ष और इससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस योजना से पंजाब की करीब 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है और इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
Bhagwant Mann ने छापेमारी के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
राजनीतिक विरोधियों पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विरोधियों को उनके कामकाज में कमी नहीं मिलती और वे उनकी ईमानदारी पर सवाल खड़े नहीं कर पाते, तो उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने अपने कार्यालय पर सीबीआई की छापेमारी का जिक्र करते हुए दावा किया कि जांच एजेंसी को खाली हाथ लौटना पड़ा।
मान ने कहा कि दबाव या छापेमारी से वे पंजाब और यहां के लोगों के हितों से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी ताकत जनता का विश्वास है और वे अपनी सरकार को जनसेवा के लिए जवाबदेह मानते हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह भी कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को केवल सरकारी कार्यालयों और औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि उनके घर के दरवाजे पंजाब के लोगों के लिए हमेशा खुले हैं।
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्र में काम जारी रखेगी। उन्होंने दावा किया कि जनता राजनीतिक दलों का आकलन उनके भाषणों से नहीं, बल्कि उनके कामकाज के आधार पर करेगी।
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