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Sacrilege Law : Sukhbir Badal की चुप्पी खड़े कर रही है गंभीर सवाल

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Sacrilege Law Sukhbir Badal Silence Raises Serious Questions
Sacrilege Law Sukhbir Badal Silence Raises Serious Questions

AAP नेता बलतेज पन्नू ने पूछा, क्या कोई चुप्पी का है बड़ा राज

चंडीगढ़, 20 अप्रैल (ध्रुव)। पंजाब की राजनीति में बेअदबी विरोधी कानून (Sacrilege Law) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के मीडिया इंचार्ज Baltej Pannu ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष Sukhbir Singh Badal की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।

सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप पंजाब के स्टेट जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि आप की पंजाब सरकार ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून लाकर अपना वादा पूरा किया है, लेकिन जो लोग ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करते थे, वे अब चुप रहना पसंद कर रहे हैं। यह चुप्पी राजनीतिक रूप से बहुत कुछ कहती है।

“चुप्पी कई सवाल खड़े करती है”

Baltej Pannu ने कहा कि जब बेअदबी को रोकने के लिए सख्त कानून लागू हो चुका है, ऐसे समय में Sukhbir Singh Badal की चुप्पी कई बुनियादी सवाल खड़े करती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग पहले इस मुद्दे पर राजनीति करते थे, अब कानून बनने के बाद उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं बचा है।

Sacrilege Law को इतिहास याद रखेगा, यह सभी क्यों चुप

बलतेज पन्नू ने कहा कि कानून पास होने के बाद भी, न तो शिरोमणि अकाली दल और न ही उसकी लीडरशिप ने इसके समर्थन या विरोध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की चुप्पी भी उतनी ही चिंताजनक है। एसजीपीसी मीटिंग के बाद प्रेस से बात न करना राजनीतिक दबाव और स्पष्टता की कमी को दिखाता है।

उन्होंने आगे कहा कि अकाली दल का इकलौता विधायक भी विधानसभा के उस स्पेशल सेशन में शामिल नहीं हुआ, जहाँ यह बिल पास हुआ था। इतिहास में यह दर्ज होगा कि गुरु ग्रंथ साहिब की मर्यादा की रक्षा के लिए कौन खड़ा हुआ और किसने गैरहाजिर रहना चुना।

बलतेज पन्नू ने कहा कि 13 अप्रैल को बिल पेश होने से लेकर 17 अप्रैल को राज्यपाल की मंज़ूरी और 20 अप्रैल तक नोटिफिकेशन जारी होने तक, यह ‘आप’ सरकार की मज़बूत राजनीतिक इच्छाशक्ति को दिखाता है। कुछ ही दिनों में यह कानून पूरी तरह से बन गया और लागू हो गया, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। सुखबीर सिंह बादल की चुप्पी दिखाती है कि वह पंजाब और उसकी धार्मिक भावनाओं के लिए मज़बूती से खड़े होने के बजाय अपने निजी और राजनीतिक हितों की रक्षा पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं।

    क्या है नया Sacrilege Law ?

    ‘जगत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार बिल, 2026’ के तहत:

    • बेअदबी के मामलों में सख्त सजा
    • उम्रकैद तक का प्रावधान
    • 25 लाख तक जुर्माना

    यह Sacrilege Law धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए कड़ा कदम माना जा रहा है।

    जांच आयोगों पर भी सवाल

    उन्होंने कहा कि:

    • जस्टिस ज़ोरा सिंह कमिशन
    • जस्टिस रणजीत सिंह कमिशन

    की रिपोर्ट्स को गंभीरता से नहीं लिया गया और उन्हें नजरअंदाज किया गया।

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    Rajesh Sachdeva

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