रूपनगर, 29 जुलाई (ध्रुव)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को रूपनगर में आयोजित 'एक शाम भगवान शिव के नाम' भजन संध्या के दौरान राज्य की महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मावां धीयां सत्कार योजना के तहत नई पंजीकृत करीब 40 Lakh Women को 1 अगस्त से पहली बार वित्तीय सहायता मिलनी शुरू होगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे वित्तीय सहायता ट्रांसफर की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र महिला को 3,000, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित पात्र महिलाओं को 4,500 की राशि दी जाएगी।
1 अगस्त को 40 Lakh Women के खातों में ट्रांसफर होगी राशि
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 40 लाख नई पंजीकृत महिलाओं (40 Lakh Women) को 1 अगस्त से योजना का लाभ मिलना शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों का पैसा लोगों तक वापस पहुंचा रही है और इसी कारण विपक्ष परेशान है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करना है।
40 Lakh Women: 'पंजाब में नफरत के बीज कभी नहीं उग सकते'
रूपनगर में आयोजित भजन संध्या को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब की सामाजिक और धार्मिक एकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब में सभी धर्मों के लोग आपसी भाईचारे और सद्भावना के साथ रहते हैं। पंजाब की धरती पर नफरत और विभाजन की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी लोग राम नवमी, गुरुपर्व, शहीदी समागम, हनुमान जयंती और ईद सहित सभी त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब की यही सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत राज्य की सबसे बड़ी ताकत है।
'एक शाम भगवान शिव के नाम' में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
रूपनगर के सरकारी कॉलेज मैदान में आयोजित 'एक शाम भगवान शिव के नाम' राज्य स्तरीय भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान पूरे पंडाल में 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंजते रहे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी श्रद्धालुओं के साथ जयकारे लगाए। प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति और आध्यात्मिक भाव से सराबोर कर दिया।
'धर्म और भाईचारा पंजाब की सबसे बड़ी ताकत'
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की समृद्ध धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत लोगों को आपस में जोड़ने का काम करती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शांति, धार्मिक सद्भावना और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार महान गुरुओं, संतों, महात्माओं और पैगंबरों द्वारा दिखाए गए सत्य और मानवता के मार्ग पर चलने का प्रयास कर रही है।
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की उपजाऊ धरती पर बहुत कुछ उग सकता है, लेकिन नफरत के बीज इस पवित्र धरती पर कभी नहीं उग सकते।
'सभी धर्मों को समान सम्मान देती है सरकार'
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार सभी धर्मों का समान रूप से सम्मान करती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किए हैं और श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को भी बड़े स्तर पर मनाने की तैयारियां की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना' का भी किया जिक्र
भगवंत मान ने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं को विभिन्न धार्मिक स्थलों की मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यह योजना शुरू की थी।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत श्रद्धालुओं को श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, श्री आनंदपुर साहिब और नैना देवी जी सहित अन्य धार्मिक स्थलों की निःशुल्क यात्रा कराई गई।
अब योजना का विस्तार करते हुए हरिद्वार, खाटू श्याम जी महाराज और सालासर बालाजी जैसे धार्मिक स्थलों को भी इसमें शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह योजना सभी जातियों, धर्मों, आय वर्गों और क्षेत्रों के लोगों के लिए उपलब्ध है और श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ता।
'विभाजनकारी राजनीति को नकारकर रंगला पंजाब बनाएं'
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के लोगों से जाति, धर्म और अन्य संकीर्ण भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी और सांप्रदायिक एजेंडे को नकारना जरूरी है, ताकि पंजाब को 'रंगला पंजाब' बनाया जा सके। उन्होंने लोगों से सामाजिक बुराइयों को खत्म करने, पिछड़े वर्गों का सहारा बनने और पंजाब को खुशहाल एवं नशा मुक्त बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। श्रद्धालु भगवान शिव और भगवान परशुराम जी की महिमा में लीन नजर आए, जबकि हंसराज रघुवंशी के भजनों ने कार्यक्रम में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बना दिया।
यह भी पढ़े :- Meri Rasoi Rashan Kit वितरण 33.86 लाख के पार, लुधियाना सबसे आगे