Meet Hayer ने धर्म और जाति की राजनीति को लेकर केंद्र पर साधा निशाना
चंडीगढ़, 29 जुलाई (ध्रुव)। संगरूर से आम आदमी पार्टी (आप) के लोकसभा सांसद गुरमीत सिंह Meet Hayer ने लोकसभा में जन सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने युवाओं के आंदोलन की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज ने देश के वास्तविक मुद्दों को एक बार फिर मुख्यधारा में ला दिया है।
मीत हेयर ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से धर्म और जाति के आधार पर समाज को बांटने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब प्रचार की बजाय शिक्षा और बेरोजगारी जैसे वास्तविक मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
'युवाओं की शक्ति ने सरकार को दिखाया आईना'
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान Meet Hayer ने युवाओं के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि देश के युवाओं की शक्ति ने केंद्र सरकार को आईना दिखाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के आंदोलन के कारण शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे देश की राजनीतिक बहस के केंद्र में आए हैं। मीत हेयर ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन ने केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर युवाओं की नाराजगी को सामने रखा है।
शिक्षा और बेरोजगारी को लेकर केंद्र पर निशाना
आप सांसद ने कहा कि देश में युवाओं के सामने शिक्षा और बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन वास्तविक मुद्दों से बचने की कोशिश कर रही है।
मीत हेयर ने प्रधानमंत्री के आधी रात को जारी किए गए सेल्फी वीडियो का भी जिक्र किया और कहा कि यह इस बात का संकेत है कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे अब देश की राजनीति में प्रमुख बन गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को युवाओं की चिंताओं का जवाब देना चाहिए और शिक्षा तथा रोजगार के क्षेत्र में ठोस कदम उठाने चाहिए।
'प्रधानमंत्री का वीडियो सरकार की घबराहट का परिणाम' : Meet Hayer
मीत हेयर ने प्रधानमंत्री द्वारा जारी वीडियो पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आधी रात को सेल्फी वीडियो के माध्यम से स्पष्टीकरण देना केंद्र सरकार की कथित घबराहट और बेचैनी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि जिस संशोधन विधेयक को सरकार बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही है, उससे संबंधित कई व्यवस्थाएं दुनिया के अन्य देशों में पहले से लागू हैं।
'सिर्फ सजा बढ़ाने से पेपर लीक नहीं रुकेंगे' : Meet Hayer
जन सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर बोलते हुए मीत हेयर ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन में सजा बढ़ाने की बात कही गई है, लेकिन कानून में पहले से ही सजा का प्रावधान मौजूद है।
उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा कानून के तहत दोषियों को समय पर सजा नहीं मिल रही है तो केवल सजा की अवधि बढ़ाने से कोई वास्तविक बदलाव नहीं आएगा।
मीत हेयर ने दावा किया कि 2024 से अब तक किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के मामलों में दोषियों की पहचान कर उन्हें समय पर सजा मिले।
'कानून के साथ प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी'
आप सांसद ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए केवल कड़े कानून बनाना पर्याप्त नहीं है। कानून का प्रभावी क्रियान्वयन और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई भी उतनी ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके भविष्य पर सीधा असर डालती है।
मीत हेयर ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार को पेपर लीक रोकने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और बेरोजगारी की समस्या का समाधान करने पर ध्यान देना चाहिए।
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