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SGPC का 12 साल में दो बार अमेरिका दौरा, लेकिन खर्च कितना ?

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SGPC के यूबा सिटी प्रोजेक्ट पर उठ रहे सवाल

अमृतसर, 12 जून। अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित यूबा सिटी में प्रस्तावित सिख मिशन और प्रिंटिंग प्रेस प्रोजेक्ट को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) एक बार फिर चर्चा में है। SGPC का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल हाल ही में दूसरी बार आधिकारिक तौर पर यूबा सिटी पहुंचा है, लेकिन इन विदेशी दौरों पर हुए कुल खर्च को लेकर अब तक कोई सार्वजनिक या आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2014 में तत्कालीन SGPC अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ की अगुवाई में पहला बड़ा प्रतिनिधिमंडल यूबा सिटी गया था। इसके बाद जून 2026 में मौजूदा अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में दूसरा उच्च स्तरीय दल अमेरिका पहुंचा है। दोनों दौरों का उद्देश्य यूबा सिटी में प्रस्तावित सिख मिशन, प्रिंटिंग प्रेस और संबंधित परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेना रहा है।

SGPC में खर्च का सार्वजनिक रिकॉर्ड नहीं

हालांकि SGPC अपने वार्षिक बजट में धर्म प्रचार गतिविधियों और विदेशी सिख मिशनों के लिए बड़ी राशि निर्धारित करती है, लेकिन किसी विशेष विदेशी दौरे पर हुए टीए-डीए, हवाई टिकट, आवास और अन्य भत्तों का अलग से सार्वजनिक विवरण उपलब्ध नहीं है।

वर्ष 2026-27 के SGPC बजट में धर्म प्रचार कमेटी के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रखी गई है। विदेशी मिशनों और धार्मिक प्रचार से जुड़े कई कार्यक्रम इसी मद से संचालित किए जाते हैं।

मौजूदा प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन?

सूत्रों के अनुसार मौजूदा अमेरिकी दौरे में अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी के अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विरक, मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण, सदस्य राजिंदर सिंह मेहता, ओएसडी सतबीर सिंह और सचिव बलविंदर सिंह काहलों समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

इन अधिकारियों के अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकट, यात्रा भत्ते और अन्य प्रशासनिक खर्च SGPC फंड से किए जाने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक राशि सार्वजनिक नहीं की गई है।

12 वर्षों में 10 से अधिक बैठकें

जानकारी के मुताबिक यह परियोजना केवल दो आधिकारिक दौरों तक सीमित नहीं रही। वर्ष 2013 में "SGPC USA Inc." नामक संस्था के गठन के बाद से अमेरिका और पंजाब के बीच लगातार संपर्क बना रहा।

यूबा सिटी में स्थानीय सिख संगठनों, प्रबंधन समितियों और समाजसेवी परिवारों के साथ कई दौर की बैठकें हुईं। अनुमान है कि पिछले 11-12 वर्षों में परियोजना से संबंधित 10 से अधिक बैठकें, निरीक्षण और समन्वय कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इसके अलावा अमेरिका के सिख प्रतिनिधिमंडल भी समय-समय पर अमृतसर पहुंचकर SGPC नेतृत्व के साथ चर्चा करते रहे हैं। फरवरी 2026 में भी अमेरिकी सिख प्रतिनिधियों ने अमृतसर में SGPC नेतृत्व से मुलाकात कर परियोजना को जल्द शुरू करने की मांग उठाई थी।

सवाल अब भी बरकरार

यूबा सिटी परियोजना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि पिछले 12 वर्षों में प्रतिनिधिमंडलों के अमेरिका दौरों, बैठकों और प्रशासनिक गतिविधियों पर कुल कितना खर्च हुआ।

क्योंकि SGPC की ओर से अभी तक किसी भी यात्रा का विस्तृत ऑडिट या खर्च विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, इसलिए वास्तविक राशि का पता नहीं चल सका है। पारदर्शिता की मांग करने वाले कुछ सिख हलकों का मानना है कि करोड़ों रुपये के धार्मिक एवं विदेशी मिशन प्रोजेक्टों से जुड़े खर्चों का सार्वजनिक खुलासा किया जाना चाहिए।

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Rajesh Sachdeva

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