बलतेज पन्नू बोले - पंजाब का इतिहास दबाने की साजिश
चंडीगढ़, 6 जुलाई, (ध्रुव चावला)। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब ने ओटीटी प्लेटफॉर्म से फिल्म Satluj Film हटाए जाने को लेकर भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस मिलकर पंजाब के इतिहास के सबसे काले अध्यायों को नई पीढ़ी से छिपाना चाहती हैं, जबकि अकाली दल इस पूरे मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बलतेज पन्नू ने कहा कि डिजिटल दौर में फिल्में इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि अगर किताबों और डॉक्यूमेंट्री तक लोगों की पहुंच सीमित कर दी जाए और फिल्मों को भी रोक दिया जाए, तो युवाओं को पंजाब के इतिहास की सच्चाई जानने का अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि Satluj Film वर्षों की रिसर्च के बाद तैयार हुई। पहले इसका नाम 'घलूघारा' रखा गया, फिर सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के बाद इसे 'पंजाब 95' और अंत में Satluj नाम से रिलीज किया गया। लेकिन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के महज दो दिन बाद इसे हटा दिया गया, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं।
Satluj Film : जसवंत सिंह खालरा के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस को घेरा
पन्नू ने कहा कि Satluj Film मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनकी कुर्बानी पर आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल और राष्ट्रपति शासन के दौरान हुई घटनाओं को उजागर किए जाने के कारण कांग्रेस इस फिल्म से असहज है, जबकि भाजपा भी सच को सामने आने से रोकना चाहती है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से सवाल पूछा कि फिल्म को हटाने के पीछे किसका दबाव था और क्या यह फैसला कांग्रेस के कहने पर लिया गया या भाजपा ने खुद पंजाब के इतिहास को दबाने का प्रयास किया।
अकाली दल पर भी साधा निशाना
AAP नेता ने शिरोमणि अकाली दल पर भी दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज अकाली दल फिल्म को लेकर भावुक बयान दे रहा है, लेकिन जब जसवंत सिंह खालरा लापता हुए थे तब उनके परिवार को अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि सत्ता में आने के बाद भी अकाली दल ने अपने चुनावी वादों के अनुरूप कार्रवाई नहीं की और कई अधिकारियों को जवाबदेह बनाने के बजाय उन्हें पदोन्नति दी गई।
Satluj Film : "सेंसरशिप से सच नहीं दबेगा"
बलतेज पन्नू ने कहा कि किसी फिल्म को हटाने से ऐतिहासिक तथ्य नहीं बदल सकते। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालरा की कहानी मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले एक बहादुर व्यक्ति की कहानी है और सेंसरशिप के जरिए उसे दबाया नहीं जा सकता।
AAP ने ओटीटी प्लेटफॉर्म से मांग की कि 'सतलज' फिल्म को तुरंत दोबारा उपलब्ध कराया जाए ताकि पंजाब की नई पीढ़ी बिना किसी राजनीतिक सेंसरशिप के अपने इतिहास को जान सके।
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