पंजाब में 2,030 से अधिक मुफ्त ENT सर्जरी, 5.25 करोड़ रुपये खर्च
चंडीगढ़, 6 जुलाई, (ध्रुव)। पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कान, नाक और गले (ENT) से जुड़ी गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज लगातार लोगों के लिए राहत बन रहा है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) के अनुसार अब तक 2,030 से अधिक मरीजों की एडवांस्ड ENT सर्जरी की जा चुकी है, जिन पर करीब 5.25 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पात्र मरीजों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में आधुनिक ENT सर्जरी पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। उनका कहना है कि योजना का उद्देश्य लोगों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से बचाते हुए समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
ENT डॉक्टरों की सलाह: लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
सिविल अस्पताल रूपनगर की ENT विशेषज्ञ डॉ. निधि गुप्ता ने बताया कि लोग अक्सर कान से पानी आना, सुनने में कमी, नाक लंबे समय तक बंद रहना, आवाज बैठना या मुंह के छालों जैसी समस्याओं को मामूली समझकर इलाज टाल देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर स्थायी बहरापन, क्रॉनिक साइनस या ओरल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जांच और उपचार कराया जाए तो अधिकांश ENT रोगों का सफल इलाज संभव है।
सबसे ज्यादा हुई कान की सर्जरी (ENT)
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पिछले साढ़े पांच महीनों में:
- 1,050 से अधिक कान की सर्जरी
- 897 टाइम्पैनोप्लास्टी
- 88 रेडिकल मास्टॉयडेक्टॉमी
- कान की चोट और बाहरी कान के ट्यूमर की कई सर्जरी
इन उपचारों पर करीब 2.9 करोड़ रुपये खर्च किए गए। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर ऑपरेशन से सुनने की क्षमता वापस लाई जा सकती है और संक्रमण को दिमाग व अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक फैलने से रोका जा सकता है।
नाक और साइनस की 900 से अधिक सर्जरी
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार योजना के तहत:
- 395 फंक्शनल सेप्टो राइनोप्लास्टी
- 354 सेप्टोप्लास्टी
- 227 फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी (FESS)
सहित करीब 900 नाक और साइनस सर्जरी की गईं, जिन पर 2.1 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुआ।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि कई मरीज वर्षों तक केवल नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करते रहते हैं, जबकि वास्तविक कारण का इलाज नहीं कराते। एंडोस्कोपिक सर्जरी लंबे समय तक राहत देती है और बार-बार होने वाले संक्रमण को रोकने में मदद करती है।
मुंह का कैंसर: शुरुआती पहचान बेहद जरूरी
योजना के तहत करीब 80 मरीजों की मुंह और जीभ से जुड़ी जटिल सर्जरी भी की गईं, जिन पर लगभग 25 लाख रुपये खर्च हुए।
इनमें शामिल हैं:
- मुंह, गले और साइनस के ट्यूमर की 47 सर्जरी
- जीभ के ट्यूमर की 13 जटिल सर्जरी
- 7 कम्पोजिट रिसेक्शन एवं रिकंस्ट्रक्शन
- हेमीग्लोसेक्टॉमी सहित अन्य प्रमुख ऑपरेशन
विशेषज्ञों के अनुसार यदि मुंह का छाला दो सप्ताह से अधिक समय तक ठीक न हो, तो तुरंत ENT विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए। तंबाकू, गुटखा, सुपारी और शराब मुंह के कैंसर के प्रमुख कारण हैं।
समय पर जांच से बच सकती हैं गंभीर बीमारियां
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि यदि कान से लगातार पानी आए, सुनाई कम दे, नाक लंबे समय तक बंद रहे, बार-बार साइनस का संक्रमण हो, आवाज बैठी रहे या मुंह का छाला दो सप्ताह से अधिक समय तक बना रहे तो बिना देरी ENT विशेषज्ञ से परामर्श लें।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज से बड़े ऑपरेशन की जरूरत काफी हद तक टाली जा सकती है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो सकता है।
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