नई दिल्ली, 4 जुलाई, (ध्रुव चावला)। Arvind Kejriwal ने Goa Health व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वहां का सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र गंभीर संकट से गुजर रहा है। उन्होंने गोवा सरकार से पंजाब की तर्ज पर प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि निजी सूचीबद्ध अस्पतालों को 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए ताकि मरीजों को इलाज से वंचित न होना पड़े।
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार बिना किसी आय सीमा या अन्य शर्त के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध करा रही है। उनके अनुसार इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 2,350 से अधिक बीमारियों और चिकित्सा प्रक्रियाओं का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि योजना को लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और अस्पतालों को समय पर भुगतान होने से मरीजों को उपचार में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।
उन्होंने आरोप लगाया कि गोवा का सरकारी स्वास्थ्य तंत्र लोगों की जरूरतों को पूरा करने में असफल साबित हो रहा है। उनके मुताबिक राज्य का प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अत्यधिक मरीजों के दबाव से जूझ रहा है, जहां बेड की उपलब्धता भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कई मरीजों को आवश्यक दवाइयां भी बाहर से खरीदनी पड़ती हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।
Goa Health लोगों का भरोसा कम हुआ
केजरीवाल ने दावा किया कि दक्षिण गोवा (Goa Health) जिला अस्पताल में 193 पद खाली पड़े हैं, जबकि ID Hospital Ponda में सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी बुनियादी सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण मरीजों को बार-बार दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जाता है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता।
उन्होंने गोवा की Deen Dayal Swasthya Seva Yojana (DDSSY) पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि इस योजना से लोगों का भरोसा कम हुआ है। उनके अनुसार वर्ष 2022-23 में लगभग 2.95 लाख परिवारों के पास योजना के कार्ड थे, जबकि बाद के वर्षों में सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या घटकर लगभग 1.81 लाख रह गई। उन्होंने इसे योजना की सीमित उपयोगिता का संकेत बताया।
केजरीवाल ने कहा कि वर्तमान समय में चार लाख या छह लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कैंसर, हृदय रोग और अन्य जटिल बीमारियों के उपचार का खर्च इससे कहीं अधिक होता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि योजना में केवल 447 बीमारियां और प्रक्रियाएं शामिल हैं, जबकि कई महत्वपूर्ण जांच और उपचार इसमें शामिल नहीं हैं। Goa Health
2016 की पुरानी भुगतान दरें भी योजना की प्रभावशीलता कम
उन्होंने कहा कि अस्पतालों को भुगतान में देरी और वर्ष 2016 की पुरानी भुगतान दरें भी योजना की प्रभावशीलता कम कर रही हैं। उनके अनुसार कई निजी अस्पताल कम भुगतान और लंबित बिलों के कारण योजना के कार्ड स्वीकार करने से बचते हैं, जिससे मरीजों को लाभ नहीं मिल पाता।
केजरीवाल ने कहा कि आदर्श स्थिति मजबूत सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की है, लेकिन जब तक ऐसा नहीं हो जाता, तब तक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने गोवा सरकार से अपील की कि पंजाब की तरह सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा योजना लागू कर प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोग भी निजी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण इलाज करा सकें।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसी व्यवस्था लागू होती है तो राज्य के प्रमुख निजी अस्पताल भी आम नागरिकों की पहुंच में आ जाएंगे और गरीब तथा संपन्न नागरिकों को समान स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
यह भी पढ़े :- Ram Mandir Donation चोरी मामले में गिरफ्तारी और SIT, सिर्फ दिखावा