मलोट में 20 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलों पर भी जोर
चंडीगढ़, 29 सितंबर (ध्रुव)। पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को अब गांवों और परिवारों तक पहुंचाने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी जोड़ा जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को नशा मुक्ति और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने में मदद करेंगी।
श्री मुक्तसर साहिब के मलोट में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में योगदान देने वाली 20 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने सम्मानित किया।
परिवारों और बच्चों के साथ लगातार संपर्क में रहने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर जागरूकता दूत के तौर पर जिम्मेदारी दी गई है। उनका काम लोगों को नशे के खतरों के प्रति सचेत करने, नशे की ओर बढ़ रहे लोगों की पहचान करने और उन्हें समय पर मदद उपलब्ध करवाने में सहयोग करना होगा।
युवाओं को खेलों से जोड़ने पर जोर
मलोट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नशे की रोकथाम के लिए खेलों की भूमिका पर भी जोर दिया गया। जिले के युवाओं को हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबॉल और क्रिकेट का सामान उपलब्ध करवाने वाली 100 से अधिक खेल किट वितरित की गईं।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार खेलों का बुनियादी ढांचा मजबूत कर रही है, ताकि युवाओं को स्वस्थ गतिविधियों से जोड़ा जा सके और उन्हें नशे से दूर रखने के लिए बेहतर माहौल तैयार हो।
उन्होंने बताया कि पंजाब में करीब 3,000 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं और इस साल जनवरी में 500 पिंड जिम शुरू किए गए थे। वहीं, ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सीजन के जरिए भी युवाओं को खेलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
‘नशे की ओर बढ़ रहे दोस्तों का साथ न छोड़ें’
डॉ. बलजीत कौर ने युवाओं से खास तौर पर अपील की कि अगर उनका कोई दोस्त नशे की ओर बढ़ रहा है तो उसका साथ न छोड़ें। उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को अकेला छोड़ने के बजाय उनका सहयोग किया जाना चाहिए और उन्हें मदद लेने तथा नशे से बाहर आने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
मंत्री ने शिक्षकों, अभिभावकों, युवा क्लबों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों से भी नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
बच्चों ने भी दिया नशामुक्त पंजाब का संदेश
मलोट के कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने पोस्टर बनाने और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। मलवई गिद्धा और नशे के प्रति जागरूकता पर आधारित नाटक सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशामुक्त पंजाब का संदेश दिया गया।
सरकार के मुताबिक, नशे की रोकथाम के लिए गांवों और वार्ड स्तर पर ऐसा तंत्र तैयार किया जा रहा है, जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ स्कूल, अभिभावक, पंचायतें, युवा क्लब, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और खेल सुविधाएं भी जुड़ेंगी। ‘नशा मुक्ति मित्र’ के जरिए अभियान को सीधे परिवारों और समुदायों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।