Ram Mandir Donation चोरी मामले में गिरफ्तारी और SIT, सिर्फ दिखावा
Ram Mandir Donation चोरी की घटनाओं की जानकारी सरकार को कैसे नहीं मिली
नई दिल्ली/गोवा, 3 जुलाई, (ध्रुव चावला)। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा और जमीन घोटाले के मुद्दे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। गोवा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कथित Ram Mandir Donation चोरी मामले में हुए इस्तीफे, गिरफ्तारी, एसआईटी और एफआईआर केवल लोगों को दिखाने के लिए किए गए कदम हैं और वास्तविक दोषियों को बचाया जा रहा है।
केजरीवाल ने दावा किया कि देश प्रधानमंत्री से यह सवाल पूछ रहा है कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार के स्तर पर हुआ और ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों का चयन भी सरकार की जानकारी में हुआ, तो कथित वित्तीय अनियमितताओं और Ram Mandir Donation चोरी की घटनाओं की जानकारी सरकार को कैसे नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े कथित जमीन सौदों, निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी और चढ़ावे की चोरी जैसे मामलों पर गंभीर कार्रवाई के बजाय लीपापोती की जा रही है।
उन्होंने कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धा के साथ दान दिया था, लेकिन अब सामने आ रहे आरोपों से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि कथित रूप से मंदिर में चढ़ाए गए आभूषण, चांदी की ईंटें, नकदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की चोरी की बातें सामने आ रही हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कथित तौर पर जमीन खरीद में करोड़ों रुपये का अंतर दिखाकर दान की राशि का दुरुपयोग किया गया।
Ram Mandir Donation : निर्माण कार्यों में कथित तौर पर 40 प्रतिशत कमीशन लिया गया
आम आदमी पार्टी के प्रमुख ने वर्ष 2021 के कथित जमीन सौदों का हवाला देते हुए कहा कि कम कीमत पर खरीदी गई जमीनों को कुछ ही समय बाद कई गुना अधिक कीमत पर ट्रस्ट को बेचा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह दान की राशि का दुरुपयोग हुआ। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष पहले भी इनकार करता रहा है और मामले विभिन्न स्तरों पर राजनीतिक विवाद का विषय रहे हैं।
केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में कथित तौर पर 40 प्रतिशत कमीशन लिया गया और सीसीटीवी फुटेज में चोरी की घटनाएं सामने आने के बावजूद कार्रवाई प्रभावी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कथित रूप से कई महीनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध नहीं है, जिससे पूरे मामले पर और सवाल खड़े होते हैं।
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार देश के विभिन्न मामलों की विस्तृत जानकारी रख सकती है, तो राम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल से जुड़े कथित मामलों की जानकारी न होना सवाल पैदा करता है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि इस संबंध में खुफिया एजेंसियों द्वारा भी रिपोर्ट भेजी गई थीं, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास इस दावे का सार्वजनिक प्रमाण नहीं है।
केजरीवाल ने मौजूदा एसआईटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि बिना प्रभावी कानूनी कार्रवाई के केवल जांच समितियों के गठन से सच्चाई सामने नहीं आएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित जमीन घोटाले और निर्माण से जुड़े मामलों की जांच नहीं की जा रही है तथा केवल छोटे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर मामले को सीमित किया जा रहा है।
मुख्य जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंच रही
उन्होंने कहा कि कथित तौर पर गिरफ्तार किए गए लोगों से सीमित रकम की बरामदगी दिखाई गई, जबकि आरोप कहीं अधिक बड़ी वित्तीय अनियमितताओं के हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंच रही और वास्तविक दोषियों को बचाया जा रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वाले लोगों की आस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि वास्तव में श्रद्धा होती तो मंदिर से जुड़े किसी भी प्रकार के कथित भ्रष्टाचार या चोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाता। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश के कई प्रमुख नेता राम मंदिर का राजनीतिक उल्लेख तो करते हैं, लेकिन मंदिर दर्शन के लिए नहीं जाते।
अपने संबोधन के अंत में केजरीवाल ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं इस पूरे विवाद से प्रभावित हुई हैं और प्रत्येक सनातनी को सत्य सामने लाने तथा दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करनी चाहिए। उन्होंने भगवान राम से प्रार्थना करते हुए कहा कि जो भी दोषी हों, उन्हें कठोर से कठोर दंड मिले।
नोट: उपरोक्त समाचार में शामिल आरोप Arvind Kejriwal द्वारा प्रेस वार्ता में लगाए गए दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
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