नई दिल्ली, 6 अगस्त (ध्रुव)। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भारत में सीमित (Restricted) कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केंद्र की मोदी सरकार के दबाव में की गई है ताकि पेपर लीक और ई-20 पेट्रोल जैसे मुद्दों पर उठ रही आवाजों को दबाया जा सके। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें मेटा की ओर से नोटिस मिला है कि उनका अकाउंट भारत में उपलब्ध नहीं है, लेकिन कारण पूछने पर कंपनी ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उनका कहना है कि उन्होंने फोन और ईमेल के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन केवल औपचारिक जवाब मिला और प्रतिबंध हटाने की प्रक्रिया भी नहीं बताई गई।
Paper Leak और E-20 मुद्दों पर आवाज दबाने का आरोप
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केवल उनका ही नहीं, बल्कि मोदी सरकार की आलोचना करने वाले कई अन्य लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट भी सीमित किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विशेष रूप से Paper Leak और E-20 Petrol Policy पर सवाल उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, यदि सरकार के खिलाफ बोलने वालों की डिजिटल पहुंच रोकी जाती है तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति जारी रही तो भविष्य में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर केवल सरकार समर्थक आवाजें ही दिखाई देंगी।
प्रभावित लोगों से संपर्क करने की अपील
अरविंद केजरीवाल ने देशभर के उन लोगों से अपील की जिनके सोशल मीडिया अकाउंट कथित रूप से सीमित किए गए हैं कि वे उन्हें डायरेक्ट मैसेज (DM) करें या कमेंट के माध्यम से जानकारी दें। उनका कहना है कि यदि बड़ी संख्या में प्रभावित लोग सामने आएंगे तो सामूहिक रूप से मेटा और इंस्टाग्राम पर जवाबदेही का दबाव बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को निष्पक्ष रहना चाहिए और किसी भी राजनीतिक दबाव में कार्य नहीं करना चाहिए।
Restricted : Meta India से सार्वजनिक जवाब की मांग
केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर मेटा और मेटा इंडिया को टैग करते हुए सार्वजनिक रूप से पूछा कि उनका अकाउंट भारत में क्यों Restricted किया गया। उन्होंने कहा कि भारत स्थित मेटा कार्यालय में भी इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उनके अनुसार, कंपनी की ओर से न तो प्रतिबंध का कारण बताया गया और न ही इसे हटाने का तरीका साझा किया गया। उन्होंने मेटा से आग्रह किया कि वह निष्पक्षता बनाए रखे और किसी भी राजनीतिक दबाव में काम न करे।
Restricted : राजनीतिक विवाद तेज होने के आसार
केजरीवाल के इस बयान के बाद सोशल मीडिया सेंसरशिप, डिजिटल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि वह इस मुद्दे को आगे भी उठाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो संबंधित प्लेटफॉर्म से जवाब मांगने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। वहीं, इस विषय पर मेटा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
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