PSE में बड़ा बदलाव, NITI Aayog Ranking में शीर्ष पर पहुंचने का दावा
चंडीगढ़, 6 अगस्त (ध्रुव)। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विधानसभा में शिक्षा पर चर्चा के दौरान राज्य की शिक्षा व्यवस्था में पिछले चार वर्षों में हुए बदलावों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने दावा किया कि Punjab School Education ने NITI Aayog School Education Quality Index 2026 में केरल को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है। बैंस के अनुसार, वर्ष 2022 में हजारों सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, जबकि आज पंजाब सरकारी शिक्षा सुधारों का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की क्षमता और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर पर व्यापक सुधार किए हैं।
2022 में बिना चारदीवारी और फर्श पर पढ़ते थे लाखों विद्यार्थी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि जुलाई 2022 में विभाग का कार्यभार संभालने के समय कराए गए सर्वे में 8,000 सरकारी स्कूलों में चारदीवारी नहीं थी, 3,200 स्कूलों में उपयोग योग्य शौचालय नहीं थे और लगभग 4 लाख विद्यार्थी जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर थे। उन्होंने बताया कि पाठ्यपुस्तकें भी अक्टूबर-नवंबर तक स्कूलों में पहुंचती थीं, जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक समय प्रभावित होता था। अब नई व्यवस्था के तहत पुस्तकें फरवरी तक जिला मुख्यालयों में पहुंच जाती हैं और मार्च के अंत तक विद्यार्थियों में वितरित कर दी जाती हैं। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा व्यवस्था को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया गया है।
Mission Samrath और AI Education से बदली सरकारी स्कूलों की तस्वीर
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सरकार का Mission Samrath देश के सबसे बड़े बुनियादी शिक्षा कार्यक्रमों में शामिल हो चुका है। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को उनकी कक्षा के बजाय सीखने की क्षमता के आधार पर समूहों में पढ़ाया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस कार्यक्रम से हर वर्ष लगभग 12 लाख विद्यार्थी और 70 हजार से अधिक शिक्षक जुड़े हुए हैं। साथ ही पंजाब पहली से बारहवीं कक्षा तक Artificial Intelligence को मुख्य विषय के रूप में लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उनका कहना था कि इससे भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार किया जा रहा है।
NEET Success और School Infrastructure पर सरकार का जोर
शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों से NEET UG परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 2021 में 80 से बढ़कर 2026 में 882 हो गई है। उन्होंने इसका श्रेय Punjab Academic Coaching for Excellence (PACE) कार्यक्रम को दिया। इसके अलावा राज्य के 19,125 सरकारी स्कूलों में 2,638 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी ढांचे का विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि आगे के सुधारों के लिए विश्व बैंक से 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी भी प्राप्त की गई है। कई Schools of Eminence को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जिनमें लुधियाना का शहीद सुखदेव थापर स्कूल ऑफ एमिनेंस प्रमुख उदाहरण है।
विपक्ष पर निशाना, सरकारी स्कूलों के पक्ष में की अपील
हरजोत सिंह बैंस ने विपक्ष पर सरकारी स्कूलों के खिलाफ झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि आलोचना करनी है तो व्यक्तिगत रूप से करें, लेकिन सरकारी स्कूलों और विद्यार्थियों को निशाना न बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड के बाद सरकारी स्कूलों में दाखिले में कमी का रुझान केवल पंजाब में नहीं बल्कि पूरे देश में देखने को मिला है। APAAR ID जैसी नई प्रणाली लागू होने से अब वास्तविक छात्र संख्या सामने आ रही है और फर्जी नामांकन खत्म हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार सरकारी स्कूलों को लोगों की पहली पसंद बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
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