मां की सांसों के लिए जंग : मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी सबसे बड़ी ताकत
पटियाला के ड्राइवर ने मां के कैंसर इलाज के लिए लड़ी लड़ाई, सरकार की योजना से मिला लाखों का सहारा
पटियाला, 19 अप्रैल (ध्रुव)। पंजाब के पटियाला से एक भावुक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां एक बेटे ने अपनी मां की जिंदगी बचाने के लिए हर मुश्किल का सामना किया। इस संघर्ष में मुख्यमंत्री सेहत योजना उसके लिए सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी।
पंजाब के पटियाला निवासी गुरपिंदर जीत सिंह की 65 वर्षीय मां बलजीत कौर पिछले कुछ महीनों से गंभीर रूप से बीमार थीं। उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी और उन्होंने खाना-पीना तक छोड़ दिया था। परिवार ने पहले निजी डॉक्टरों और फिर सरकारी अस्पताल में इलाज करवाया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि उन्हें बच्चेदानी का कैंसर है, जो आगे बढ़कर लीवर और फेफड़ों तक फैल चुका था। यह खबर परिवार के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं थी।
आर्थिक संकट और उम्मीद की किरण
गुरपिंदर, जो पेशे से ड्राइवर हैं, के लिए इलाज का खर्च उठाना बेहद मुश्किल हो गया। संगरूर स्थित कैंसर अस्पताल में इलाज शुरू होते ही शुरुआती खर्च 60-65 हजार रुपये तक पहुंच गया।
ऐसे कठिन समय में अस्पताल में ही किसी व्यक्ति ने उन्हें मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में बताया। गुरपिंदर ने तुरंत रजिस्ट्रेशन करवाया और जल्द ही उनका स्मार्ट कार्ड बन गया।
मुख्यमंत्री सेहत योजना में लाखों का इलाज मुफ्त
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मरीज का पूरा इलाज कवर हुआ, जिसमें शामिल हैं:
- महंगे टेस्ट
- कीमोथेरेपी
- ऑपरेशन
- ICU और वेंटिलेटर
- अस्पताल में भर्ती और देखभाल
डॉक्टरों के अनुसार इलाज पर करीब 8 लाख रुपये से अधिक खर्च आया, जो पूरी तरह योजना के तहत कवर हुआ।
मुख्यमंत्री सेहत योजना के चलते कठिन इलाज और सफल ऑपरेशन
डॉक्टरों के लिए यह केस बेहद चुनौतीपूर्ण था। पहले तीन कीमोथेरेपी दी गईं, लेकिन शरीर कमजोर होने के कारण दुष्प्रभाव सामने आए। इसके बाद कम डोज में नौ और कीमोथेरेपी दी गईं।
इलाज के बाद ट्यूमर सीमित हो गया, जिसके बाद करीब 8 घंटे लंबा ऑपरेशन कर उसे सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज कुछ समय ICU और वेंटिलेटर पर रहीं, फिर धीरे-धीरे उनकी हालत में सुधार हुआ।
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