पंजाब को थी बहुत ज्यादा उम्मीद परंतु पूरी तरह खाली रहे हाथ
केंद्रीय यूनियन बजट में पंजाब के हाथ एक बार फिर से खाली रह गए हैं और पंजाब को कुछ भी नहीं मिला है हालांकि यह साल चुनावी होने के चलते उम्मीद लगाई जा रही थी कि भाजपा की केंद्रीय सरकार पंजाब के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पंजाब को काफी कुछ दे सकते हैं ताकि चुनाव में इसका फायदा ले सके परंतु ऐसा कुछ भी केंद्रीय बजट में नजर नहीं आया है। पंजाब के हाथ पूरी तरह खाली रह गए हैं
पंजाब के हाथ पूरी तरह खाली रह गए हैं और पंजाब के हिस्से में कुछ भी नहीं आया है। सीधे तौर पर काहे की पंजाब को पूरी तरह से इग्नोर करते हुए पंजाब को कुछ भी नहीं दिया गया है। पंजाब कृषि शासित प्रदेश है और कृषि को लेकर कुछ ना कुछ पंजाब को मिलने की जरूरत ऊमीद थी परंतु पंजाब को कृषि के मामले में भी नजरअंदाज करते हुए कुछ भी नहीं दिया गया है। पिछले कई यूनियन बजट में यह बजट पंजाब के लिए सबसे ज्यादा खराब नजर आ रहा है क्योंकि इसमें पंजाब का जिक्र तक नहीं है।