प्रतिनिधिमंडलों ने अपनी-अपनी मांगों और समस्याओं को Harpal Cheema के समक्ष रखा
चंडीगढ़, 11 जून (सुनील कुमार)। पंजाब सरकार ने विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वित्त मंत्री Harpal Cheema की अध्यक्षता में कर्मचारी यूनियनों के साथ विस्तृत बैठकें आयोजित कीं। इन बैठकों में कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
बैठकों में वेटरनरी फार्मासिस्ट एक्शन कमेटी, ओवरएज बेरोजगार यूनियन, आदर्श स्कूल टीचिंग एंड नॉन-टीचिंग एसोसिएशन, पंजाब एड्स कंट्रोल इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन तथा आशा वर्कर एवं आशा फैसिलिटेटर यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिनिधिमंडलों ने अपनी-अपनी मांगों और समस्याओं को वित्त मंत्री के समक्ष रखा।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों के जायज मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी और जिन मामलों में प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी की आवश्यकता होगी, वहां प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
उठाए गए मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
बैठक के दौरान आशा वर्कर एवं आशा फैसिलिटेटर यूनियन ने स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण से जुड़े मुद्दे उठाए। इस पर वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को आशा वर्करों के लिए स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा कवर सुनिश्चित करने हेतु एक व्यापक नीति और ढांचा तैयार करने के निर्देश दिए। इसे आशा वर्करों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा लंबे समय से सेवाएं दे रहे ठेका आधारित और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने, आगामी मास्टर कैडर भर्ती में आयु सीमा में छूट देने, वेतन संशोधन, पारदर्शी तबादला नीति, सेवा नियमों में सुधार तथा विभिन्न कल्याणकारी लाभों की बहाली जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने संबंधित विभागों को कर्मचारी संगठनों द्वारा उठाए गए मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में तथ्य और सुझाव भी प्रस्तुत किए। सरकार की ओर से यह भरोसा दिलाया गया कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ देखा जाएगा तथा उचित मांगों पर जल्द निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा।
पंजाब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई यह बैठक कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान तथा प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
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