Guru Ravidas Bani : जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां में रखा नींव पत्थर
जालंधर, 9 अगस्त (ध्रुव)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां में श्री Guru Ravidas Bani अध्ययन केंद्र का नींव पत्थर रखा। श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, दर्शन और पवित्र बाणी के अध्ययन एवं शोध के लिए विकसित किए जा रहे इस केंद्र पर करीब 37 करोड़ खर्च होंगे। इस मौके पर डेरा सचखंड बल्लां के पद्म श्री संत निरंजन दास जी समेत संत समाज की प्रमुख शख्सियतें मौजूद रहीं।
10.4 एकड़ में बनेगा अध्ययन केंद्र
मुख्यमंत्री के अनुसार श्री Guru Ravidas Bani अध्ययन केंद्र 10.4 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसमें करीब 96,500 वर्ग फुट का कवर्ड एरिया होगा। केंद्र में तीन मंजिला एडमिन एवं टीचिंग ब्लॉक, लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग तीन मंजिला हॉस्टल तथा शिक्षकों और स्टाफ के लिए दो मंजिला आवासीय ब्लॉक बनाया जाएगा। दोनों हॉस्टलों में 54-54 विद्यार्थियों के रहने की सुविधा होगी।
सरकार के मुताबिक प्रोजेक्ट की कुल लागत 37 करोड़ है। इसमें जमीन पर 11 करोड़ और जरूरी मंजूरियों पर 60 लाख खर्च किए जा चुके हैं, जबकि निर्माण से संबंधित बाकी आवश्यक खर्च पंजाब सरकार वहन करेगी।
गुरु रविदास जी की बाणी पर होगा शोध
भगवंत मान ने कहा कि यह केंद्र श्री गुरु रविदास जी महाराज की बाणी, जीवन, दर्शन और शिक्षाओं के व्यापक अध्ययन एवं शोध के लिए महत्वपूर्ण संस्था के रूप में विकसित होगा। यहां विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को गुरु जी की पवित्र बाणी के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह केंद्र गुरु रविदास जी की विचारधारा और संदेश को देश-दुनिया तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।
650वें प्रकाश पर्व पर 100 करोड़ का बजट
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार श्री Guru Ravidas Bani महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित सालभर चलने वाले समारोह आयोजित कर रही है। इसके लिए 100 करोड़ का बजट रखा गया है। इसके तहत 50 मोबाइल वैन पंजाब के सभी 23 जिलों के करीब 13,000 गांवों में जाकर गुरु रविदास जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं पर डॉक्यूमेंट्री दिखा रही हैं।
Guru Ravidas Bani : समानता और मानवता का संदेश
भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी महाराज ने जाति-पात, सामाजिक भेदभाव और ऊंच-नीच के खिलाफ आवाज उठाते हुए मानवता, बराबरी, भाईचारे और सम्मान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु रविदास जी की सोच के अनुरूप समानतावादी समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने पंजाब की स्कूली शिक्षा में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों से NEET पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 2021 में 80 से बढ़कर 2026 में 881 हो गई है।
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