Gangster ते वार’ की शुरुआत के बाद गोलीबारी की घटनाएं 69 प्रतिशत घटीं
चंडीगढ़, 21 अप्रैल (ध्रुव)। पंजाब पुलिस के ऑपरेशन ‘गैंगस्टरां ते वार’ ने राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक बढ़त हासिल की है। यह अभियान अब सिर्फ Gangster की गिरफ्तारी और नशा बरामदगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गैंगस्टर नेटवर्क की जड़ों पर सीधा प्रहार कर रहा है।
पंजाब के डीजीपी Gaurav Yadav के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के महज तीन महीनों में ही अपराध के आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गैंगस्टरों से जुड़ी हत्याओं में 100 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी में जहां ऐसे चार मामले सामने आए थे, वहीं मार्च तक यह संख्या शून्य पर पहुंच गई। इसी तरह गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी फायरिंग की घटनाओं में भी 69 प्रतिशत की कमी आई है। जनवरी में 29 घटनाओं के मुकाबले 20 अप्रैल तक यह आंकड़ा घटकर 9 रह गया है।
छोटे अपराधों में शामिल तत्वों पर सख्ती से कार्रवाई
जबरन वसूली के मामलों में भी गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी के 110 मामलों की तुलना में मार्च में यह संख्या घटकर 98 हो गई, जो करीब 11 प्रतिशत की कमी को दर्शाती है। टोल-फ्री एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन (93946-93946) शुरू होने के बाद आम नागरिक अब खुलकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं, जिससे पुलिस को कार्रवाई में और मजबूती मिली है।
डीजीपी Gaurav Yadav ने कहा कि यह अभियान सिर्फ बड़े गैंगस्टरों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, “छोटे अपराधों में शामिल तत्वों पर सख्ती से कार्रवाई कर हम गैंगस्टर नेटवर्क की जड़ों को कमजोर कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस राज्य में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत गैंगस्टर कल्चर के पूर्ण खात्मे के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।
विश्लेषण के मुताबिक, इस अभियान का असर केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में भी साफ दिखाई दे रहा है, जहां संगठित अपराध में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
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