Fast Track Court को लेकर मोदी सरकार पर केजरीवाल का हमला
नई दिल्ली, 24 जुलाई (ध्रुव)। 2024 के NEET Paper Leak Case को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने पेपर लीक मामलों में Fast Track Court बनाने के प्रधानमंत्री के आश्वासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर जांच एजेंसियां अदालत में पर्याप्त सबूत पेश नहीं करेंगी, तो ऐसे फास्ट ट्रैक कोर्ट का क्या मतलब रह जाएगा।
केजरीवाल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए कानून लाने की बात कही है, लेकिन उसी दौरान 2024 के NEET पेपर लीक मामले को लेकर सीबीआई की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।
'अगर संजीव मुखिया मास्टरमाइंड नहीं तो फिर कौन है?'
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2024 में NEET पेपर लीक के बाद संजीव मुखिया को कथित तौर पर मामले का मास्टरमाइंड बताया गया था। उन्होंने दावा किया कि बाद में सीबीआई ने अदालत में उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होने की बात कही।
केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर जांच एजेंसी के मुताबिक संजीव मुखिया मास्टरमाइंड नहीं है, तो फिर 2024 में NEET का पेपर लीक किसने किया? उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पेपर लीक के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन था।
'CBI सबूत पेश नहीं करेगी तो Fast Track Court का क्या फायदा?'
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सीबीआई अदालत में सबूत ही पेश नहीं करेगी तो फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का क्या महत्व रह जाएगा।
उन्होंने कहा, "अगर ऐसी ही जांच करनी है और आपको सबूत ही पेश नहीं करने हैं, तो फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का नाटक क्यों?"
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार को पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की नीयत साफ होती तो कथित पेपर लीक माफिया के खिलाफ मजबूत जांच कराकर दोषियों को सजा दिलाने का काम किया जाता।
'देश का युवा पेपर लीक से परेशान'
आप संयोजक ने कहा कि पेपर लीक मामलों का सबसे ज्यादा असर देश के युवाओं और छात्रों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और पेपर लीक होने से उनकी मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं।
केजरीवाल ने सरकार से सवाल किया कि अगले वर्ष NEET जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि केवल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था और जांच प्रणाली को मजबूत करना भी जरूरी है।
POCSO और रेप मामलों के Fast Track Court का दिया उदाहरण
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश में पहले से ही POCSO और रेप मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट मौजूद हैं, लेकिन कई मामलों में सुनवाई पूरी होने में काफी समय लग जाता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि अगर जांच एजेंसियां मजबूत सबूत एकत्र नहीं करेंगी और जांच प्रक्रिया में ही कमी रहेगी, तो नए फास्ट ट्रैक कोर्ट किस तरह पेपर लीक मामलों में तेजी से न्याय दिला पाएंगे।
केजरीवाल ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ केवल राजनीतिक घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि दोषियों की पहचान, मजबूत जांच और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना जरूरी है।
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