Punjab Cancer Treatment पर सरकार ने खर्च किए 20.22 करोड़
चंडीगढ़, 24 जुलाई 2026। पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना (Mukhyamantri Sehat Yojana) के तहत राज्य में कैंसर मरीजों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। सरकार के अनुसार, 18 जुलाई 2026 तक 8,069 कैंसर मरीजों का कैशलेस उपचार (Punjab Cancer Treatment) किया जा चुका है, जिस पर कुल ₹20.22 करोड़ खर्च किए गए हैं।
पंजाब सरकार के मुताबिक, इस योजना के तहत इलाज करवाने वाले कैंसर मरीजों में सबसे बड़ा हिस्सा 36 से 60 वर्ष की आयु वाले मरीजों का है। आंकड़ों के अनुसार, कुल 8,069 मरीजों में से 4,285 मरीज 36 से 60 वर्ष की आयु के थे।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में आर्थिक खर्च अक्सर मरीजों और उनके परिवारों के सामने बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने का उद्देश्य मरीजों को आर्थिक बोझ से राहत देना है।
Punjab Cancer Treatment : 36 से 60 वर्ष के मरीज सबसे ज्यादा
योजना के तहत इलाज करवाने वाले कैंसर मरीजों के आयु वर्ग के आंकड़े महत्वपूर्ण तस्वीर सामने रखते हैं।
कुल 8,069 मरीजों में:
- 4,285 मरीज 36 से 60 वर्ष आयु वर्ग के
- 3,376 मरीज 60 वर्ष से अधिक आयु के
- 399 मरीज 17 से 35 वर्ष आयु वर्ग के
- 9 मरीज 17 वर्ष से कम आयु के
आंकड़ों के मुताबिक, योजना का लाभ लेने वाले कैंसर मरीजों में आधे से अधिक 36 से 60 वर्ष की आयु के हैं। यह वह आयु वर्ग है, जिसमें अधिकांश लोग अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां संभाल रहे होते हैं।
जून में सबसे ज्यादा Punjab Cancer Treatment
पंजाब सरकार के आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पूरे वर्ष कैंसर मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया।
महीनेवार आंकड़ों के मुताबिक:
| महीना | इलाज करवाने वाले मरीज |
|---|---|
| जनवरी | 842 |
| फरवरी | 1,080 |
| मार्च | 1,175 |
| अप्रैल | 1,350 |
| मई | 1,275 |
| जून | 1,468 |
| जुलाई (18 जुलाई तक) | 879 |
जून 2026 में सबसे ज्यादा 1,468 कैंसर मरीजों का उपचार किया गया। वहीं जुलाई के शुरुआती 18 दिनों में ही 879 मरीज इस योजना के तहत इलाज प्राप्त कर चुके थे।
4 से 5 लाख रुपये की सर्जरी का खर्च हुआ कैशलेस
समाना निवासी दर्शन देवी के मामले का भी सरकार की ओर से उदाहरण दिया गया है। बढ़ते दर्द के बाद डॉक्टरों ने उन्हें कैंसर सर्जरी की सलाह दी थी। परिवार के सामने सर्जरी के लिए करीब 4 से 5 लाख रुपये के अनुमानित खर्च की चुनौती थी। सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मंजूरी मिलने के बाद दर्शन देवी की कैंसर सर्जरी बिना किसी जेब से खर्च के पूरी हुई।
इस तरह की योजनाओं का उद्देश्य गंभीर बीमारियों के उपचार में आर्थिक बाधाओं को कम करना है, ताकि मरीज इलाज में देरी न करें।
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 2.68 लाख से ज्यादा लाभार्थी
पंजाब सरकार के मुताबिक, 8 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू होने के बाद से अब तक 2,68,274 लाभार्थी योजना के तहत उपचार प्राप्त कर चुके हैं।
इस अवधि में योजना के तहत कुल 5,31,386 उपचार मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं 20 जुलाई 2026 तक उपलब्ध करवाए गए उपचार का कुल मूल्य 950.35 करोड़ तक पहुंचने का दावा किया गया है।
कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच कैशलेस इलाज पर जोर
कैंसर के बढ़ते मामलों को देश के सामने मौजूद बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक माना जा रहा है। सरकार ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2022 में भारत में करीब 14.6 लाख नए कैंसर मामलों का अनुमान लगाया गया था।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर के मामले में समय पर जांच और उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। बीमारी की पहचान में देरी होने पर उपचार अधिक जटिल और महंगा हो सकता है। ऐसे में कैशलेस स्वास्थ्य योजनाएं मरीजों के लिए आर्थिक बाधा कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
'आर्थिक परेशानी इलाज में बाधा न बने': डॉ. बलबीर सिंह
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार का उद्देश्य मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाई किसी भी मरीज के कैंसर उपचार में बाधा न बने।
उन्होंने कहा कि कैंसर तेजी से बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन रहा है और समय पर जांच तथा शीघ्र उपचार से मरीजों के स्वस्थ होने की संभावना बढ़ सकती है।
डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से अपील की कि शरीर में गांठ, बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना, असामान्य रक्तस्राव, लंबे समय तक खांसी या मल-मूत्र की सामान्य प्रक्रिया में बदलाव जैसे चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें और ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।
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