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पंजाब में Diabetes का बढ़ता खतरा

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The Growing Threat of Diabetes in Punjab
The Growing Threat of Diabetes in Punjab

6 महीनों में 2,300 Diabetes मरीजों का कैशलेस इलाज

चंडीगढ़, 22 जुलाई (ध्रुव)। पंजाब में Diabetes का बढ़ता बोझ अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सामने आए ताजा आंकड़े बताते हैं कि राज्य में कामकाजी आयु वर्ग के लोगों में डायबिटीज़ के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। योजना के तहत पिछले छह महीनों में Diabetes से संबंधित 2,300 उपचार मामलों पर करीब 6.5 करोड़ खर्च किए गए हैं।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA), पंजाब द्वारा 21 जुलाई 2026 तक साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इन मामलों में सबसे अधिक संख्या 36 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की है। इस आयु वर्ग के 1,123 मरीजों का इलाज हुआ है।

36 से 60 वर्ष के लोगों में सबसे ज्यादा मामले

मुख्यमंत्री सेहत योजना के आंकड़ों के मुताबिक Diabetes से संबंधित 2,300 उपचार मामलों में:

  • 36 से 60 वर्ष: 1,123 मामले
  • 60 वर्ष से अधिक: 809 मामले
  • 17 से 35 वर्ष: 243 मामले
  • 0 से 16 वर्ष: 125 मामले

आंकड़ों के अनुसार, Diabetes का सबसे ज्यादा असर पंजाब की कामकाजी और आर्थिक रूप से उत्पादक आबादी पर पड़ रहा है। हालांकि, कम उम्र के बच्चों और युवाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं।

गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंच रहे कई मरीज

उपचार संबंधी आंकड़ों से यह भी सामने आया है कि कई मरीज अस्पताल पहुंचने तक डायबिटीज़ की गंभीर जटिलताओं से जूझ रहे थे। इनमें डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (DKA) सबसे अधिक दावा किए गए उपचार पैकेजों में शामिल रहा।

वहीं लंबे समय तक डायबिटीज़ के कारण नसों और रक्त वाहिकाओं को होने वाले नुकसान से जुड़ा डायबिटिक फुट दूसरी प्रमुख जटिलता के रूप में सामने आया।

कई मरीजों को डायलिसिस, ICU उपचार, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, CT/MRI जांच और डायबिटिक फुट सर्जरी जैसी गंभीर चिकित्सा सेवाओं की जरूरत पड़ी।

डॉ. बलबीर सिंह बोले- Diabetes आंकड़े हर परिवार के लिए चेतावनी

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि ये आंकड़े हर परिवार के लिए चेतावनी हैं। उन्होंने कहा कि डायबिटीज़ से प्रभावित लोग केवल बुजुर्ग नहीं हैं, बल्कि बड़ी संख्या में वे लोग भी हैं जो परिवार चला रहे हैं, व्यवसाय कर रहे हैं, लोन चुका रहे हैं और अपने बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी उठा रहे हैं।

उन्होंने लोगों से डायबिटीज़ के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराने की अपील की।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि डायबिटीज़ की गंभीर जटिलताओं का इलाज कराने की तुलना में इसकी रोकथाम कहीं आसान है। उन्होंने लोगों से बीमारी के गंभीर होने का इंतजार न करने की अपील की।

खान-पान और जीवनशैली भी बढ़ा रही जोखिम

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, असंतुलित खान-पान, जंक और प्रोसेस्ड फूड, मीठे पेय पदार्थों का अधिक सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी, मोटापा, तंबाकू और अत्यधिक शराब का सेवन डायबिटीज़ के जोखिम को बढ़ा सकता है।

इसके अलावा लंबे समय तक काम करना, पर्याप्त नींद न लेना और लगातार तनाव भी स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर स्क्रीनिंग, नियमित ब्लड शुगर जांच, संतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ वजन बनाए रखना डायबिटीज़ और इसकी गंभीर जटिलताओं से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


📊 Diabetes के आंकड़े एक नजर में

आयु वर्गउपचार मामले
0-16 वर्ष125
17-35 वर्ष243
36-60 वर्ष1,123
60 वर्ष से अधिक809
कुल2,300

कुल उपचार कवर: लगभग 6.5 करोड़
आंकड़ों की तारीख: 21 जुलाई 2026 तक

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Rajesh Sachdeva

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