E-20 Petrol पर केजरीवाल का बड़ा हमला: मोदी सरकार पर झूठ का आरोप
E-20 Petrol के कारण किसी वाहन की होती है माइलेज कम
नई दिल्ली, 7 जुलाई, (ध्रुव)। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E-20 Petrol को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने लोगों पर E-20 पेट्रोल थोपने के लिए ऑटो कंपनियों से झूठ बुलवाया। उन्होंने कहा कि मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प ने दावा किया कि E-10 वाहनों में E-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कोई नुकसान नहीं होगा, जबकि इन्हीं कंपनियों के Owner Manual में 10 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से बचने की सलाह दी गई है।
प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने कहा कि वे सभी ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर पूछेंगे कि यदि E-20 पेट्रोल के कारण किसी वाहन की माइलेज कम होती है या इंजन और फ्यूल सिस्टम को नुकसान पहुंचता है तो उसकी भरपाई कौन करेगा। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर पूछा जाएगा कि यदि लोगों की गाड़ियों में नुकसान होता है तो उसका मुआवजा सरकार देगी या कंपनियां।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आधा सच पेश कर रही है। सरकार यह कह रही है कि दुनिया के कई देशों में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन यह नहीं बता रही कि जर्मनी, फ्रांस, अमेरिका और जापान जैसे देशों में अभी भी कम प्रतिशत एथेनॉल वाला ईंधन उपयोग किया जाता है। वहीं थाईलैंड में आज भी E-10 और E-20 दोनों विकल्प उपलब्ध हैं और ब्राजील ने E-100 तक पहुंचने में लगभग 50 वर्ष का समय लिया।
सरकार के इस फैसले से करोड़ों वाहन जोखिम में
केजरीवाल ने कहा कि भारत में फरवरी 2023 में केवल 1900 पेट्रोल पंपों पर ट्रायल के तौर पर E-20 पेट्रोल शुरू किया गया था, लेकिन मात्र तीन साल के भीतर अप्रैल 2026 से इसे देशभर के करीब 90 हजार पेट्रोल पंपों पर लागू कर दिया गया। उनका दावा है कि देश में लगभग 22 करोड़ मोटरसाइकिलें और 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जो E-20 Compatible नहीं हैं और सरकार के इस फैसले से करोड़ों वाहन जोखिम में आ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को विकल्प देने के बजाय एक ही तरह का ईंधन थोप रही है। उनकी मांग है कि पेट्रोल पंपों पर E-0, E-10 और E-20 तीनों विकल्प उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उपभोक्ता अपनी गाड़ी की क्षमता और जरूरत के अनुसार पेट्रोल चुन सकें।
केजरीवाल ने दावा किया कि टोयोटा और मारुति के विभिन्न मॉडलों के Owner Manual में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि 10 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल वाले पेट्रोल का उपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि 10 प्रतिशत एथेनॉल वाले ईंधन से भी माइलेज या ड्राइविंग प्रदर्शन प्रभावित हो तो बिना एथेनॉल वाले पेट्रोल का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसके बावजूद कंपनियां सार्वजनिक मंचों पर E-20 पेट्रोल को पूरी तरह सुरक्षित बता रही हैं।
उन्होंने कहा कि वे उन कंपनियों से भी जवाब मांगेंगे जिन्होंने सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा नहीं लिया और स्पष्ट करेंगे कि क्या वे भी E-10 वाहनों में E-20 पेट्रोल के उपयोग को सुरक्षित मानती हैं।
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