पंजाब

Jagat Jyot Guru Granth Sahib सत्कार बिल पर मालविंदर कंग की सफाई

6 Views
Malvinder Kang clarifies stance on the Jagat Jyot Guru Granth Sahib respect bill
Malvinder Kang clarifies stance on the Jagat Jyot Guru Granth Sahib respect bill

चंडीगढ़, 30 जुलाई (ध्रुव)। पंजाब में Jagat Jyot Guru Granth Sahib सत्कार बिल को लेकर उठ रहे सवालों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून का मकसद श्रद्धालुओं, सेवादारों या सिख धार्मिक संस्थाओं को परेशान करना नहीं, बल्कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की जानबूझकर बेअदबी करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

मालविंदर सिंह कंग ने कहा कि पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के लिए सिख परंपराओं के अनुरूप सम्मानजनक शब्द 'बीड़' को भी कानून में शामिल करने के लिए संशोधन करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा में Jagat Jyot Guru Granth Sahib सत्कार बिल सर्वसम्मति से पारित होने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा दिए गए सुझावों को सरकार ने सम्मानपूर्वक स्वीकार किया है और इन्हें प्रस्तावित संशोधनों में शामिल किया जाएगा।

सिख धार्मिक मामलों और रहित मर्यादा में दखल नहीं

कंग ने स्पष्ट किया कि यह कानून सिख रहित मर्यादा, श्री अकाल तख्त साहिब या शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के धार्मिक अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करने के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल जानबूझकर की जाने वाली बेअदबी की घटनाओं पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई करना है।

उन्होंने कहा कि कानून में 'कस्टोडियन' शब्द का अर्थ किसी पवित्र स्वरूप का मालिक नहीं, बल्कि उसकी सेवा, सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी संभालने वाला व्यक्ति है। इसमें संबंधित संस्था, डेरा या गुरुद्वारा कमेटी भी शामिल हो सकती है।

Jagat Jyot Guru Granth Sahib सत्कार बिल : अनजाने में हुई गलती पर नहीं होगी कार्रवाई

मालविंदर कंग ने कहा कि केवल किसी घटना के घटित होने से किसी कस्टोडियन या सेवादार को स्वतः दोषी नहीं माना जाएगा। यदि कोई घटना अनजाने में हुई गलती, तकनीकी खराबी, लापरवाही या बिना आपराधिक इरादे के होती है, तो उसे जानबूझकर की गई बेअदबी के रूप में नहीं माना जाएगा।

उन्होंने कहा कि शिकायत मिलते ही किसी कस्टोडियन की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होगी। कार्रवाई से पहले SP या DCP स्तर के अधिकारी द्वारा स्वतंत्र जांच की जाएगी। यह जांच निर्धारित अवधि में पूरी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर समय बढ़ाया जा सकेगा। जांच के दौरान संबंधित SGPC अधिकारियों को भी सूचित किया जाएगा।

Jagat Jyot Guru Granth Sahib सत्कार बिल : धार्मिक कार्यक्रमों और लाइव टेलीकास्ट पर रोक नहीं

कंग ने कहा कि कानून को लेकर फैलाई जा रही कई आशंकाएं सही नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरबाणी के धार्मिक, शैक्षणिक, अकादमिक या डिजिटल प्रचार पर कोई रोक नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि कथा-कीर्तन, धार्मिक चर्चा, रिसर्च, नगर कीर्तन, आनंद कारज, धार्मिक समागम, फोटोग्राफी और लाइव टेलीकास्ट जैसी गतिविधियां कानून के निशाने पर नहीं हैं। इसी तरह घरों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का सम्मानपूर्वक प्रकाश और सुखासन भी कानून के दायरे से बाहर रहेगा।

SGPC रखेगी यूनिक आईडी का रिकॉर्ड

AAP सांसद ने बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों के लिए यूनिक एन्क्रिप्टेड आइडेंटिफिकेशन नंबर जारी करने और उसका रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था SGPC के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित केंद्रीय रजिस्टर को गोपनीय और एन्क्रिप्टेड रखा जाएगा तथा श्रद्धालुओं और सेवादारों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखा जाएगा। कंग के मुताबिक, जांच एजेंसियों को भी रिकॉर्ड तक पहुंच निर्धारित नियमों के तहत SGPC के माध्यम से ही मिलेगी।

जानबूझकर बेअदबी और साजिश करने वालों पर सख्ती

मालविंदर कंग ने कहा कि कानून का मुख्य उद्देश्य उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है जो जानबूझकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करते हैं या ऐसी घटनाओं की साजिश रचते हैं। उन्होंने कहा कि बेअदबी की योजना बनाने या उसमें मदद करने वालों के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ होने का दावा करता है तो ऐसे मामलों में मेडिकल बोर्ड के माध्यम से जांच की व्यवस्था होगी, ताकि कानून के प्रावधानों का दुरुपयोग न हो सके।

केंद्र से पूरे देश में समान कानून बनाने की अपील

मालविंदर कंग ने कहा कि पंजाब सरकार केंद्र सरकार से अपील करेगी कि बेअदबी की घटनाओं से निपटने के लिए पूरे देश में एक समान और प्रभावी कानून बनाया जाए।

उन्होंने दोहराया कि भगवंत मान सरकार का उद्देश्य सिख संगत, श्रद्धालुओं, सेवादारों या धार्मिक संस्थाओं को परेशान करना नहीं है। कानून का मकसद केवल जानबूझकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों को सख्त सजा दिलाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था तैयार करना है।

यह भी पढ़े :- Meet Hayer ने धर्म और जाति की राजनीति को लेकर केंद्र पर साधा निशाना

Share this story:
Rajesh Sachdeva

About Rajesh Sachdeva

Author at The State Headlines.

View all posts