पंजाब

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 84 करोड़ रुपये से अधिक खर्च

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Over 84 Crore Spent Under the Chief Minister Health Scheme
Over 84 Crore Spent Under the Chief Minister Health Scheme

45 लाख लोग मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना से जुड़े

चंडीगढ़, 31 मई (ध्रुव)। पंजाब में हड्डियों, जोड़ों और ट्रॉमा (आघात) से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ऑर्थोपेडिक उपचार अब सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक प्रमुख हिस्सा बन चुके हैं। योजना के तहत अब तक हड्डियों, जोड़ों और ट्रॉमा संबंधी इलाज पर 84 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया जा चुका है।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार यह खर्च बढ़ती सर्जिकल जरूरतों और सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ ऑर्थोपेडिक सेवाओं तक लोगों की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है। आंकड़ों के मुताबिक योजना के अंतर्गत सबसे अधिक घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा कूल्हे (हिप) की सर्जरी तथा प्लेट, नेल्स और अन्य इम्प्लांट्स के जरिए फ्रैक्चर फिक्सेशन जैसे उपचार भी बड़ी संख्या में किए जा रहे हैं।

पंजाब में अब तक 45 लाख से अधिक लोग मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजीकृत हो चुके हैं। लाभार्थियों की संख्या के मामले में लुधियाना जिला सबसे आगे है, जहां 4.8 लाख से अधिक लोगों ने योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराया है। वहीं पटियाला में करीब 4.1 लाख लाभार्थी दर्ज किए गए हैं।

दुर्घटनाओं में वृद्धि के कारण ऑर्थोपेडिक उपचारों की मांग लगातार बढ़ी

विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में बढ़ती उम्र की आबादी, जोड़ों के दर्द, गतिशीलता संबंधी समस्याओं और सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि के कारण ऑर्थोपेडिक उपचारों की मांग लगातार बढ़ रही है। सरकारी अस्पतालों में घुटनों और कूल्हों की समस्याओं, लंबे समय से चल रहे जोड़ों के दर्द और चलने-फिरने में कठिनाई वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है।

ऑर्थोपेडिक उपचार आमतौर पर महंगे होते हैं और इनमें इम्प्लांट्स, सर्जरी, लंबे इलाज तथा पुनर्वास की जरूरत पड़ती है। ऐसे में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।

राजपुरा के निकट खेड़ा गज्जू गांव के रहने वाले 43 वर्षीय गुलशन तनेजा इसका एक उदाहरण हैं। फैक्ट्री में काम के दौरान हुए हादसे में उनके घुटने का लिगामेंट फट गया था, जिससे उन्हें चलने-फिरने में भारी परेशानी होने लगी। लगातार दर्द, सूजन और घुटने की अस्थिरता के कारण उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो गया था।

गुलशन तनेजा को 6 मई को Rajindra Hospital में भर्ती कराया गया, जहां 7 मई को उनकी लिगामेंट टियर की सर्जरी की गई। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत उन्हें 86,750 रुपये का इलाज पूरी तरह कैशलेस उपलब्ध कराया गया। उपचार के बाद 12 मई को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

स्वास्थ्य कार्ड के कारण उन्हें इलाज पर कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा

गुलशन तनेजा ने बताया कि स्वास्थ्य कार्ड के कारण उन्हें इलाज पर कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह योजना उनके जैसे परिवारों के लिए बेहद लाभदायक है और महंगे इलाज को आसान बना रही है।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री Dr. Balbir Singh ने कहा कि राज्य में ऑर्थोपेडिक बीमारियों का बोझ तेजी से बढ़ रहा है, जिससे किफायती और सुलभ सर्जिकल सेवाओं को मजबूत करना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत हजारों मरीजों को कैशलेस घुटना प्रत्यारोपण, कूल्हे और ट्रॉमा संबंधी उपचार उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे लोगों का आर्थिक बोझ कम हो रहा है और उनके जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केवल चार महीनों में ऑर्थोपेडिक उपचारों पर 84 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ मरीजों की गतिशीलता बहाल करने, दिव्यांगता कम करने और जीवन स्तर सुधारने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।

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Rajesh Sachdeva

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