पंजाब

Punjab बनेगा देश का नंबर-1 शिक्षा केंद्र

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Punjab will become the country's number one education hub
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बच्चों को विदेश जाने की जरूरत नहीं : CM भगवंत मान

चंडीगढ़, 31 मई (ध्रुव)। Punjab के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने कहा है कि राज्य सरकार का लक्ष्य पंजाब को देश का अग्रणी शिक्षा केंद्र बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त करने के लिए कनाडा, ऑस्ट्रेलिया या अन्य देशों की ओर रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और पंजाब अब शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।

चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में आयोजित ‘सितारे ज़मीन पर’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने Punjab स्कूल शिक्षा बोर्ड की आठवीं, दसवीं और बारहवीं कक्षाओं के जिला स्तर के टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंजाब ने शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य ने शिक्षा के कई मानकों पर केरल जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में आत्मविश्वास की कमी होती थी, लेकिन आज वही विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जेईई मेन परीक्षा में सरकारी स्कूलों के 359 विद्यार्थियों की सफलता इस बदलाव का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पंजाब में चल रही ‘शिक्षा क्रांति’ का परिणाम है।

भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। स्कूलों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाया गया है, अध्यापकों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण देने के लिए विदेश भेजा जा रहा है और विद्यार्थियों को रट्टा आधारित शिक्षा की बजाय समझ, तर्क और आलोचनात्मक सोच पर आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है।

Punjab की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार शानदार प्रदर्शन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। इस वर्ष आठवीं, दसवीं और बारहवीं कक्षाओं के अधिकांश टॉपर विद्यार्थियों में लड़कियों का दबदबा रहा है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लड़कियों की शिक्षा को और अधिक सुलभ एवं सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि भविष्य में बोर्ड परीक्षाओं में समान अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की रैंकिंग जन्म तिथि के आधार पर तय नहीं की जाएगी। इसके बजाय समान अंक हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों को संयुक्त रूप से समान स्थान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला विद्यार्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें जीवन में सफलता हासिल करने के साथ-साथ विनम्र बने रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और नम्रता ही स्थायी सफलता की असली कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करने का आह्वान करते हुए कहा कि जीवन में कितना भी बड़ा मुकाम हासिल कर लिया जाए, व्यक्ति को अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए।

शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि जब उन्होंने विभाग की जिम्मेदारी संभाली थी, तब राज्य में लगभग चार लाख विद्यार्थी फर्श पर बैठकर पढ़ने को मजबूर थे। आज पंजाब सरकार के प्रयासों से यह स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और अब किसी भी सरकारी स्कूल में बच्चों को फर्श पर बैठकर पढ़ाई नहीं करनी पड़ती। उन्होंने कहा कि पंजाब शिक्षा से जुड़ी कई राष्ट्रीय रिपोर्टों में शीर्ष स्थान प्राप्त कर रहा है।

Manish Sisodia ने देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया

इस अवसर पर पंजाब मामलों के प्रभारी और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia ने देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परीक्षा प्रणाली विद्यार्थियों की वास्तविक प्रतिभा का पूरा आकलन नहीं कर पाती और इसे आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और कहा कि पंजाब सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में किए गए सुधारों ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है तथा उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा दी है।

मुख्य बिंदु:

  • पंजाब को देश का अग्रणी शिक्षा केंद्र बनाने का लक्ष्य।
  • शिक्षा क्षेत्र में पंजाब की बड़ी उपलब्धियों का दावा।
  • जेईई मेन में सरकारी स्कूलों के 359 विद्यार्थियों की सफलता।
  • बोर्ड परीक्षाओं में समान अंक पाने वाले विद्यार्थियों को संयुक्त रैंक देने का फैसला।
  • शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजने की पहल।
  • सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे और शिक्षा गुणवत्ता में बड़ा सुधार।
  • टॉपर विद्यार्थियों में लड़कियों का दबदबा।

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Rajesh Sachdeva

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