कांग्रेस में खुली बगावत ! चन्नी के घर जुटे पूर्व मंत्री, विधायक और सांसद
कई पूर्व विधायक बोले, राजा वड़िंग की अध्यक्षता मंजूर नहीं
चंडीगढ़, 3 जुलाई, (ध्रुव चावला)। पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बड़ा सियासी विस्फोट होता दिखाई दे रहा है। पार्टी हाईकमान द्वारा अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को ही पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले के बाद पार्टी के भीतर खुली नाराज़गी सामने आ गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कांग्रेस दो खेमों में बंटती नजर आ रही है।
जानकारी के अनुसार, चरणजीत सिंह चन्नी के मोरिंडा स्थित आवास पर पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों और पूर्व सांसदों का बड़ा जमावड़ा लगा है। बताया जा रहा है कि यहां पार्टी के भविष्य और आगामी रणनीति को लेकर अहम बैठक हो रही है।
बैठक में पहुंचे कई नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें राजा वड़िंग की अध्यक्षता स्वीकार नहीं है। कुछ नेताओं ने यहां तक कह दिया कि पंजाब कांग्रेस का नेतृत्व और भविष्य का मुख्यमंत्री चेहरा केवल चरणजीत सिंह चन्नी ही होना चाहिए। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी के अंदर असंतोष अब खुलकर सामने आ चुका है।
बैठक में शामिल कई नेताओं के तेवर कुछ और ही कहानी बयां कर रहे
हालांकि, कुछ नेताओं ने इसे सामान्य राजनीतिक बैठक बताते हुए बगावत की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह बैठक केवल विधानसभा चुनावों की तैयारियों और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई है। लेकिन बैठक में शामिल कई नेताओं के तेवर कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
चन्नी के आवास पर पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु, गुरप्रीत सिंह कांगड़, गुरकीरत सिंह कोटली, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, पूर्व विधायक ओपी सोनी, पूर्व सांसद मुहम्मद सादिक, पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर, जोगिंदर पाल, दविंदर घुबाया, हरमिंदर सिंह गिल और नाजर सिंह मानशाहिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता मौजूद हैं।
अब सबकी नजर इस बैठक के नतीजे पर टिकी है। यदि असंतुष्ट नेताओं ने अलग रणनीति अपनाने का फैसला किया, तो पंजाब कांग्रेस के भीतर यह विवाद आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक संकट बन सकता है।
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