चंडीगढ़, 2 जुलाई, (ध्रुव चावला)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में राज्यभर की Unauthorized colonies में रहने वाले हजारों परिवारों को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया गया। कैबिनेट ने पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन (PAPRA) नियमों के नियम-31 में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिससे योग्य Unauthorized colonies को नियमित (रेगुलराइज) करने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हो जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, संशोधित नियमों के तहत अब उन अनधिकृत कॉलोनियों को भी नियमित किया जा सकेगा, जहां कम से कम 25 प्रतिशत प्लॉटों पर निर्माण हो चुका है। आवेदन कॉलोनी के प्रमोटर या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के माध्यम से जमा किए जा सकेंगे।
यह संशोधन नोटिफाइड स्थानीय योजना क्षेत्रों तथा मास्टर प्लान के तहत निर्धारित कृषि भूमि पर स्थित योग्य कॉलोनियों पर लागू होगा। हालांकि, GMADA के क्षेत्रीय योजना के अंतर्गत आने वाले प्लॉट इस संशोधन के दायरे में नहीं आएंगे।
Unauthorized colonies से 30 सितंबर 2026 तक नए आवेदन मांगे
सरकार ने योग्य अनधिकृत कॉलोनियों से 30 सितंबर 2026 तक नए आवेदन मांगे हैं। जिन कॉलोनियों के आवेदन पहले की रेगुलराइजेशन नीतियों के तहत रद्द हो चुके थे, उन्हें भी संशोधित नियमों के तहत दोबारा आवेदन करने का अवसर दिया गया है।
सरकार के अनुसार, पूर्ण और सही आवेदन मिलने पर 30 दिनों के भीतर अस्थायी रेगुलराइजेशन प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जबकि सभी आवेदनों का निपटारा छह महीने के भीतर किया जाएगा।
आवासीय और औद्योगिक कॉलोनियों के लिए कुल क्षेत्रफल की प्रचलित कलेक्टर दर का 5 प्रतिशत कंपाउंडिंग शुल्क देना होगा, जबकि वाणिज्यिक कॉलोनियों के लिए यह शुल्क 10 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।
अस्थायी रेगुलराइजेशन प्रमाणपत्र मिलने और निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद व्यक्तिगत प्लॉट मालिक अपने प्लॉट का रेगुलराइजेशन प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे, भवन निर्माण की मंजूरी ले सकेंगे तथा अपने प्लॉट का पंजीकरण भी करवा सकेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) के माध्यम से किए गए आवेदनों पर RERA के प्रावधान लागू नहीं होंगे। हालांकि, प्रमोटर या RWA को सभी आवश्यक मंजूरियां, एनओसी प्राप्त करने और लंबित विकास कार्य निर्धारित समय में पूरे करने होंगे।
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने हजारों परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि 30 सितंबर 2026 तक आवेदन किए जा सकेंगे और पहले रद्द हो चुकी योग्य अनधिकृत कॉलोनियों को भी संशोधित नियमों के तहत एक और अवसर दिया जाएगा।
मुख्य बातें
- 25% निर्माण वाली योग्य अनधिकृत कॉलोनियां होंगी नियमित।
- PAPRA नियम-31 में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी।
- 30 सितंबर 2026 तक नए आवेदन आमंत्रित।
- पहले रद्द हुए आवेदन भी दोबारा किए जा सकेंगे।
- सही आवेदन पर 30 दिनों में अस्थायी रेगुलराइजेशन प्रमाणपत्र।
- सभी मामलों का निपटारा छह महीने के भीतर किया जाएगा।
- आवासीय व औद्योगिक कॉलोनियों के लिए 5% तथा वाणिज्यिक कॉलोनियों के लिए 10% कंपाउंडिंग शुल्क तय।
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