चंडीगढ़, 18 जुलाई, (ध्रुव)। Punjab Government ने राज्य के 2100 से अधिक मनरेगा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर केंद्र सरकार के सामने जोरदार पैरवी की है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित करने, उन्हें नियमित करने तथा इस संबंध में देशव्यापी नीति बनाने की मांग की है।
शनिवार को पंजाब भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में Punjab Government मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार मनरेगा कर्मचारियों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
18 साल सेवा देने वाले Punjab Government कर्मचारियों का भविष्य अधर में
सौंद ने कहा कि मनरेगा योजना के तहत पंजाब में करीब 2100 कर्मचारी, जिनमें तकनीकी सहायक (TA), ग्राम रोजगार सहायक (GRS) और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं, पिछले 18 वर्षों से ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अचानक मनरेगा योजना बंद कर 1 जुलाई से विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू कर दिया, जिससे हजारों कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चित हो गया।
उन्होंने कहा कि इतने वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को नियमित करने के बजाय नई योजना के तहत फिर से संविदा पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
केंद्र सरकार पर वित्तीय बोझ राज्यों पर डालने का आरोप
ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि नई योजना के माध्यम से केंद्र सरकार ने अतिरिक्त वित्तीय बोझ राज्यों पर डाल दिया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह केंद्र सरकार की योजना थी और कर्मचारियों का वेतन भी केंद्र सरकार देती थी, इसलिए अब उनकी नौकरी की सुरक्षा की जिम्मेदारी से केंद्र पीछे नहीं हट सकता।
शिवराज सिंह चौहान को लिखा विस्तृत पत्र
तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र में मांग की है कि नई योजना में ऐसा प्रावधान किया जाए जिससे मनरेगा कर्मचारियों को नियमित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह केवल पंजाब का नहीं बल्कि पूरे देश के हजारों कर्मचारियों का मुद्दा है।
पत्र में पंजाब सरकार ने कहा है कि लगभग दो दशकों तक केंद्र सरकार की योजना में कार्य करने वाले कर्मचारियों को उनकी सेवाओं का सम्मान देते हुए स्थायी रोजगार दिया जाना चाहिए।
Punjab Government कर्मचारियों की लड़ाई लड़ती रहेगी"
सौंद ने कहा कि मनरेगा कर्मचारियों की नियमितीकरण की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी और केंद्र सरकार से उनकी नौकरी सुरक्षित करने की मांग करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी आजीविका बचाने के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए और केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
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