चंडीगढ़, 21 जून
Punjab Vigilance Bureau ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रही अपनी मुहिम के दौरान पंजाब ग्रामीण बैंक से सम्बन्धित एक Recovery Agent जतिन्दर पाल पिपलानी को रिश्वत की दूसरी किश्त के तौर पर 50000 रुपए मांगने और लेने के दोष में गिरफ़्तार किया है।
आज यहाँ यह जानकारी देते हुये राज्य विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने कहा कि यह गिरफ़्तारी अमृतसर के छेहरटा के एक निवासी द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के बाद की गई है।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो के पास पहुँच की है और बताया कि पंजाब ग्रामीण बैंक ने मकान कर्ज़े की अदायगी समय पर न करने के कारण उसकी जायदाद को ग़ैर-कारगुज़ारी संपत्ति घोषित कर दिया था और बकाया कर्ज़े की रकम की वसूली के लिए दोषी रिकवरी एजेंट को रिकवरी फाइल सौंपी दी थी। मुलजिम ने शिकायतकर्ता को धमकी दी थी कि वह पुलिस पार्टी के साथ मिल कर उसके घर पर ज़बरदस्ती कब्ज़ा कर लेगा और केस को उसके हक में निपटाने के लिए बैंक मैनेजर के नाम पर 2,00,000 रुपए की रिश्वत माँगी है। शिकायतकर्ता ने आगे कहा कि उक्त एजेंट उससे पहली किश्त के तौर पर 50,000 रुपए पहले ही ले चुका है और अब बैंक मैनेजर के लिए बाकी 1,50,000 रुपए रिश्वत की रकम देने के लिए दबाव डाल रहा है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस शिकायत की प्राथमिक तस्दीक के बाद विजीलैंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया जिस दौरान उक्त रिकवरी एजेंट को दो सरकारी गवाहों की हाज़िरी में शिकायतकर्ता से रिश्वत की दूसरी किश्त के तौर पर 50000 रुपए लेते हुए रंगे हाथों गिरफ़्तार कर लिया। इस सम्बन्ध में विजीलैंस ब्यूरो के पुलिस थाना, अमृतसर रेंज में उक्त मुलजिम के विरुद्ध भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है। दोषी को कल समर्थ अदालत में पेश किया जायेगा और इस मामले की और जांच के दौरान बैंक मैनेजर की भूमिका की पड़ताल की जायेगी।