हरपाल चीमा बोले - केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य से कर रही खिलवाड़
चंडीगढ़, 3 अगस्त (ध्रुव)। Punjab Assembly ने देश में लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों, पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार को जवाबदेह ठहराने वाला प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने Punjab Assembly में यह प्रस्ताव पेश करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली गंभीर संकट से गुजर रही है और इसका सबसे ज्यादा नुकसान लाखों विद्यार्थियों तथा नौकरी के अभ्यर्थियों को उठाना पड़ रहा है।
हरपाल चीमा ने परीक्षा घोटालों को लेकर केंद्र पर साधा निशाना
Punjab Assembly में प्रस्ताव पेश करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि देशभर में बार-बार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के कारण विद्यार्थियों का परीक्षा व्यवस्था और सरकारी संस्थाओं से भरोसा कमजोर हुआ है।
चीमा ने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों और पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का मनोबल तोड़ा है। उनके अनुसार, जब विद्यार्थियों को यह महसूस होता है कि मेहनत और मेरिट के बजाय धन तथा राजनीतिक संरक्षण का प्रभाव बढ़ रहा है, तो इसका सीधा असर उनके भविष्य और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता है।
Punjab Assembly ने केंद्र को जवाबदेह ठहराने की मांग की
प्रस्ताव में पिछले एक दशक के दौरान सामने आए परीक्षा घोटालों, डिजिटल रिमोट-एक्सेस हैक और भर्ती घोटालों की निंदा की गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) जैसी परीक्षा संस्थाओं के पुनर्गठन और विकेंद्रीकरण की मांग भी उठाई गई।
प्रस्ताव में पेपर लीक सिंडिकेट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों में शामिल विद्यार्थियों पर दर्ज गैर-जरूरी आपराधिक मामलों को वापस लेने की मांग की गई। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब विधानसभा का यह प्रस्ताव केंद्र सरकार तक युवाओं और विद्यार्थियों की चिंताओं को पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया
हरपाल सिंह चीमा ने अपने संबोधन में भाजपा सरकारों पर विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से कथित तौर पर सख्ती से निपटने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए, न कि उनके खिलाफ बल प्रयोग या आपराधिक कार्रवाई के जरिए।
वित्त मंत्री ने कहा कि देश में विद्यार्थियों और नौकरी के इच्छुक युवाओं के बीच परीक्षा व्यवस्था को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
पंजाब में मेरिट के आधार पर 70 हजार नौकरियों का दावा
हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब की भगवंत मान सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने बिना किसी पक्षपात के पूरी तरह मेरिट के आधार पर लगभग 70,000 सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है, ताकि योग्य युवाओं को उनकी क्षमता के आधार पर अवसर मिल सके।
उन्होंने भाजपा शासित राज्यों और पंजाब के बीच तुलना करते हुए कहा कि जहां केंद्र सरकार पर परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं पंजाब सरकार युवाओं को रोजगार देने की दिशा में काम कर रही है।
SC Scholarship योजना का भी किया जिक्र
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना को फिर से शुरू किया है। उनके अनुसार, इससे 50 हजार से अधिक वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा और नौकरी तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर भी देती है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति किसी विद्यार्थी की शिक्षा के रास्ते में बाधा न बने।
Punjab Assembly : प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की अपील
हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा से अपील की कि पारित प्रस्ताव को केंद्रीय गृह मंत्रालय, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से केंद्र सरकार को पंजाब विधानसभा की चिंताओं और देश के युवाओं की अपेक्षाओं से औपचारिक रूप से अवगत कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक और विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा देश के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। इन मामलों में केंद्र सरकार को जवाबदेही तय करते हुए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
Punjab Assembly : कई मंत्रियों और विधायकों ने प्रस्ताव का समर्थन किया
पंजाब विधानसभा में पेश प्रस्ताव का समर्थन कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और डॉ. बलबीर सिंह के अलावा विधायक गुरप्रीत सिंह बनांवाली, नरेंद्र कौर भाराज, डॉ. नछत्तर पाल, गुरिंदर सिंह गैरी वड़िंग, अमृतपाल सिंह और सुखनंद ने भी किया।
इस तरह पंजाब विधानसभा ने परीक्षा घोटालों, पेपर लीक और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया।
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