चंडीगढ़, 2 जुलाई, (ध्रुव चावला)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) को आसान बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक कई प्रमुख नागरिक सेवाओं की सरकारी फीस और सुविधा शुल्क पूरी तरह माफ करने की मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि SIR 2026 के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए किसी भी नागरिक पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। तीन महीने की अवधि में इन सेवाओं का पूरा खर्च पंजाब सरकार स्वयं वहन करेगी।
सरकार द्वारा जिन सेवाओं की फीस माफ की गई है, उनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र तथा दसवीं और बारहवीं कक्षा के डुप्लीकेट प्रमाण पत्र जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। यह सुविधा सेवा केंद्रों, घर के नजदीक उपलब्ध नागरिक सेवाओं और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मिलने वाली सेवाओं पर लागू होगी।
SIR 2026 : आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में किसी भी व्यक्ति को नहीं आएगी परेशानी
कैबिनेट ने संबंधित प्रशासनिक विभागों को इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अन्य विभागों के समन्वय से इस निर्णय के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों को निवास, जाति, जन्म और शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने इन सेवाओं की सरकारी फीस और सुविधा शुल्क माफ कर नागरिकों को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है, ताकि आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में किसी भी व्यक्ति को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रमुख बातें
- 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक सरकारी फीस और सुविधा शुल्क पूरी तरह माफ।
- जाति, निवास, जन्म प्रमाण पत्र सहित कई सेवाएं होंगी नि:शुल्क।
- 10वीं और 12वीं के डुप्लीकेट प्रमाण पत्र भी बिना सरकारी फीस के मिलेंगे।
- सेवा केंद्र, घर के नजदीक उपलब्ध सेवाओं और ऑनलाइन पोर्टल पर मिलेगा लाभ।
- तीन महीने का पूरा खर्च पंजाब सरकार स्वयं वहन करेगी।
- निर्णय का उद्देश्य SIR-2026 के दौरान नागरिकों को बिना आर्थिक बोझ के आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराना है।
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