पंजाब

बहरीन Woman Case की जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT गठित

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Three-member SIT constituted to investigate the Bahrain woman case
Three-member SIT constituted to investigate the Bahrain woman case

Woman Case को लेकर बलतेज पन्नू ने धामी से पूछे कई सवाल

चंडीगढ़, 8 अक्टूबर। श्री आनंदपुर साहिब की SGPC सराय व Woman Case से जुड़े मामले में पंजाब सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। AAP पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू के अनुसार SIT की अगुवाई पंजाब पुलिस अधिकारी गुरबंस सिंह बैंस करेंगे, जबकि सिमरनजीत सिंह लंग और करण सिंह संधू इसके सदस्य होंगे। मामले में पूर्व SGPC सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ महिला की शिकायत पर FIR भी दर्ज है। चावला आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बता चुके हैं।

पन्नू ने कहा कि SIT यह जांच करेगी कि महिला बहरीन से पंजाब कैसे पहुंची, श्री आनंदपुर साहिब की SGPC सराय में उसके रहने का इंतजाम किसने किया, उसे कौन-कौन सी सुविधाएं दी गईं और इन सुविधाओं को किसने मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि कई महीनों तक सराय में उसके रहने से जुड़े सवालों की भी जांच होगी।

Woman Case : सराय के रजिस्टर पर भी उठाए सवाल

बलतेज पन्नू ने SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की ओर से दिखाए गए सराय के रजिस्टर का हवाला देते हुए कहा कि उसमें कमरे के सामने ‘अमरजीत सिंह चावला द्वारा सिफारिश’ और ‘फ्री’ दर्ज होने की बात सामने आती है। उन्होंने सवाल किया कि यदि कमरे को रजिस्टर में मुफ्त बताया गया था तो ₹1,000 का भुगतान कैसे हुआ।

पन्नू ने यह भी सवाल उठाया कि यदि महिला को इलाज के लिए ₹1 लाख की सहायता दी गई थी तो SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी के कार्यकाल में इसी तरह कितने अन्य मानसिक रोगियों को ₹1 लाख की सहायता दी गई और ऐसे भुगतान किस प्रक्रिया के तहत मंजूर हुए।

उन्होंने ₹1 लाख के चेक को श्री आनंदपुर साहिब के बजाय अमृतसर में कैश कराए जाने पर भी स्पष्टीकरण मांगा। पन्नू ने सवाल किया कि इलाज कहां हुआ और इसके लिए डॉक्टरों या अन्य संबंधित लोगों की क्या सिफारिश थी।

ड्राइवर के निलंबन पर भी सवाल

AAP नेता ने SGPC के ड्राइवर मोहन सिंह के निलंबन का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि यदि SGPC के अनुसार महिला को कोई वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया था तो ड्राइवर को निलंबित क्यों किया गया। उन्होंने सवाल किया कि यदि वह ड्राइवर था तो किस वाहन का इस्तेमाल कर रहा था।

पन्नू ने अमरजीत सिंह चावला के कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें विरसा सिंह वल्टोहा द्वारा महिला को सराय में ठहरने के लिए कहे जाने की बात सामने आने का दावा किया गया। उन्होंने कहा कि इस पहलू की भी जांच में स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।

328 स्वरूपों के मामले का भी जिक्र

बलतेज पन्नू ने SGPC की CBI जांच की मांग पर सवाल उठाते हुए 328 लापता स्वरूपों के पुराने विवाद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस मामले में SGPC ने CBI जांच का विरोध किया था और अपनी जांच खुद करने की बात कही थी। पन्नू ने पूछा कि अब श्री आनंदपुर साहिब मामले में CBI जांच की मांग क्यों की जा रही है।

उन्होंने 2015 के बेअदबी मामलों की CBI जांच और बाद में दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। हालांकि, इन पुराने मामलों और मौजूदा जांच के बीच क्या कानूनी या प्रक्रियात्मक संबंध है, इसका फैसला जांच एजेंसी या अदालत के स्तर पर होना है।

Woman Case : ‘SGPC को बदनाम करना उद्देश्य नहीं’

पन्नू ने कहा कि सवाल SGPC संस्था को बदनाम करने के लिए नहीं उठाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, SGPC एक सम्मानित धार्मिक संस्था है, लेकिन उसके प्रबंधन से जुड़े किसी मामले पर सवाल उठते हैं तो उनका जवाब मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सिख संगठनों और लोगों की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब जांच के जरिए सामने आना चाहिए। पन्नू ने हरजिंदर सिंह धामी और सुखबीर सिंह बादल से भी सवालों का जवाब देने की मांग की।

मामले में SIT के गठन की पुष्टि अन्य रिपोर्टों ने भी की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जांच टीम का नेतृत्व गुरबंस सिंह बैंस कर रहे हैं और सिमरनजीत सिंह तथा करण सिंह संधू सदस्य हैं।

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Rajesh Sachdeva

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