पंजाब में NDPS केस में 89 फीसदी Conviction Rate, नशा तस्कर कोर्ट में क्यों हारे ?
युद्ध नशेयां विरुद्ध’ से बदली तस्वीर, जांच में क्या बदला? पुलिसिंग मॉडल की बड़ी बातें
चंडीगढ़, 6 अप्रैल (The State Headlines)। पंजाब में अब नशा तस्करों के लिए बच निकलना आसान नहीं रहा। ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत राज्य ने NDPS मामलों में Conviction Rate को रिकॉर्ड 89% तक पहुंचा दिया है—जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है।
यह बदलाव सिर्फ गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं, बल्कि मजबूत जांच, वैज्ञानिक सबूत और अदालत में टिकने वाले केस तैयार करने की रणनीति का नतीजा है।
Conviction Rate : गिरफ्तारी नहीं, सज़ा सुनिश्चित करना बना लक्ष्य
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रहे ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत अब फोकस केवल तस्करों को पकड़ने पर नहीं, बल्कि उन्हें सज़ा दिलाने पर है।
पुलिस अधिकारी बताते हैं कि जांच अब इस तरह की जा रही है कि केस ट्रायल के दौरान मज़बूत रहें और तकनीकी आधार पर आरोपी बच न सकें। पंजाब, जो नशा तस्करी के बड़े मार्ग पर स्थित है, अब एक ऐसे मॉडल के रूप में उभर रहा है जहां कार्रवाई के साथ-साथ सज़ा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। अधिकारियों का मानना है कि यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
NDPS मामलों में लगातार बढ़ती सज़ा दर
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
- 2022: 4812 मामलों में से 3870 में सज़ा (80%)
- 2023: 6976 में से 5635 मामलों में सज़ा (81%)
- 2024: 7281 में से 6219 मामलों में सज़ा (85%)
- 2025: 7373 में से 6488 मामलों में सज़ा (88%)
- 2026: 1831 में से 1634 मामलों में सज़ा (89%)
यह लगातार सुधार पंजाब के NDPS केस मैनेजमेंट सिस्टम में बड़े बदलाव को दर्शाता है।
गिरफ्तारी नहीं, सज़ा सुनिश्चित करना बना लक्ष्य
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रहे ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत अब फोकस केवल तस्करों को पकड़ने पर नहीं, बल्कि उन्हें सज़ा दिलाने पर है। पुलिस अधिकारी बताते हैं कि जांच अब इस तरह की जा रही है कि केस ट्रायल के दौरान मज़बूत रहें और तकनीकी आधार पर आरोपी बच न सकें।
पुलिसिंग मॉडल में क्या बदला?
इस सफलता के पीछे पुलिसिंग में कई अहम बदलाव किए गए हैं:
- Prosecution-led investigation
- वैज्ञानिक सबूतों पर ज़ोर
- ड्रग नेटवर्क की वित्तीय जांच
- टेक्नोलॉजी आधारित इंटेलिजेंस
इन सुधारों ने NDPS मामलों में केस की गुणवत्ता को मज़बूत किया है।
SOP और ट्रेनिंग से मजबूत हुई जांच
पंजाब पुलिस ने जांच प्रक्रिया को और सख्त बनाने के लिए:
- 60-पॉइंट SOP लागू की
- ट्रायल स्पेशल अफसर नियुक्त किए
- जांच अधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग दी
पटियाला स्थित राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ में अब तक 400 से अधिक जांच अधिकारियों को सर्टिफिकेशन ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
Conviction Rate: NDPS एक्ट की सख्ती और वैज्ञानिक जांच
NDPS Act के तहत मामलों में छोटी-सी भी प्रक्रियागत गलती केस को कमजोर कर सकती है।
इसीलिए पुलिस अब:
- Chain of custody
- फोरेंसिक जांच
- दस्तावेज़ी प्रक्रिया
पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि अदालत में सबूत पूरी तरह वैध रहें।
इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी का बढ़ता रोल
इंटेलिजेंस आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा दिया गया है, जिसमें:
- डिजिटल प्लेटफॉर्म
- गुमनाम सूचना सिस्टम
- नागरिकों की भागीदारी
शामिल है। इससे ड्रग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई संभव हो रही है।
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